भीषण सड़क हादसे में 10 की मौत

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खंडवाभीकनगांव
(खरगोन). इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। हादसे
में 16 लोग घायल हो गए। सभी लोग
नवरात्रि में गरबे की प्रस्तुति देकर भीकनगांव के पास अपने गांव कोदला जागीर लौट रहे
थे। हादसा भोजाखेड़ी के पास तड़के 3.30
बजे हुआ।
गरबा
मंडल के 30 युवक ग्राम कालदाखेड़ी
प्रस्तुति देकर पिकअप वाहन में लौट रहे थे। हाईवे पर भोजाखेड़ी के पास एक वाहन को ओवरटेक
करते समय इंदौर की तरफ से आ रहे ट्रक से पिकअप की भिड़ंत हो गई। भिड़ंत इतनी जबर्दस्त
थी कि पिकअप (एमपी 10 जी 1149 ) के पिछले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। मौके
पर ही 10 लोगों ने दम तोड़ दिया।
मरने वाले 14 से 28 वर्ष के थे। हादसे के
बाद हाईवे पर चित्कार मच गई।
गश्त
कर रहे पुलिस जवानों ने राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल
रवाना किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पिकअप का ड्राइवर व आगे बैठे सभी लोग बच
गए। दुर्घटना के बाद पिकअप व ट्रक (एमपी 09
एचजी 0437)
का ड्राइवर मौके से भाग
खड़े हुए। जहां हादसा हुआ,
वहां सौ फीट की दूरी तक
सड़क खून से लाल हो गई। सड़क किनारे ट्रक और पिकअप वाहन के पुर्जे, मृतकों की चप्पलें, सामान और खून से सने कपड़े झाड़ियों पर पड़े
हुए थे।
छैगांवमाखन
थाने के एएसआई एसआर पाटीदार ने बताया गश्त के दौरान उन्हें घायलों के चीखने की आवाज
सुनाई दी। पास जाकर देखा तो सड़क किनारे लाशें बिछी थीं। वहां से गुजर रहे लोगों की
मदद ली। हज यात्रियों को छोड़ने के लिए इंदौर जा रहे कुछ लोगों ने भी घायलों को जिला
अस्पताल पहुंचाने में मदद की। छैगांवमाखन के टीआई शरीफ खान के अनुसार ट्रक जब्त कर
लिया है। ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दुर्घटना
की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारियों की भीड़ लग गई। जिला अस्पताल
में ही पोस्टमार्टम कर शव परिजन को सौंपे गए। खरगोन कलेक्टर नीरज दुबे के मुताबिक मुख्‍यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिवार को एक-एक लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा
की।
सभी
युवक ग्राम कालदाखेड़ी में जिस स्थान पर प्रस्तुति देकर लौट रहे थे, उस मंदिर के पुजारी व गरबा आयोजक समिति के
पंडित चंद्रकांत तारे ने बताया कोदला की यह गरबा टीम तीन साल से प्रस्तुति देने आ रही
थी। रविवार रात पूरी टीम ने शानदार और उत्साह से प्रस्तुति दी। रात 3 बजे पिकअप वाहन से पूरी टीम हंसते-खेलते रवाना
हुई। गांव में सुबह पांच बजे दुर्घटना की जानकारी मिलते ही माताजी के पंडाल में बज
रहे लाउड स्पीकर को बंद कर मृतकों की आत्म शांति के लिए मां अंबे से प्रार्थना की।

एक
साथ 10 शव जैसे ही कोलदाजागीर पहुंचे, पूरा गांव रो पड़ा। आसपास के गांवों के लोग
भी जमा हो गए। जिला प्रशासन के अफसर पहले ही गांव पहुंच चुके थे। अंतिम संस्कार की
रस्म पूरी करने के बाद एक साथ कतार में रखे दस शवों को देख वहां मौजूद लोग दहाड़ मारकर
रोने लगे।

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