भारत और वियतनाम के बीच हुए 12 अहम समझौते

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एकदिवसीय वियतनाम दौरा काफी सफल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री नूआन सुन फुक के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच हनोई में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस वार्ता के दौरान रक्षा, सुरक्षा, तकनीक, व्यापार जैसे कई मसलों पर चर्चा हुई। भारत और वियतनाम के बीच 12 समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए। प्रधानमंत्री ने वियतनाम के ऐतिहासिक कुआन सू पगोडा में दर्शन किए।

भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वियतनाम का यह पहला दौरा है लेकिन उनका यह दौरा दोनों देशों मे दोस्ताना और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में मिल का पत्थर साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने समकक्ष वियतनाम के प्रधानमंत्री गुएन शुआन फुक के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत की।

विस्तार से बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच 12 समझौतों पर दस्तख़त हुए। तेल उत्खनन परियोजनाओं के प्रोटोकॉल, दोहरे कराधान से बचने और बेहतर आईटी प्रशिक्षण के लिए सूचना तकनीक के आधारभूत ढांचे की स्थापना सहित कई अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहमति बनी।

भारत और वियतनाम के बीच 12 समझौते-

1. शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए अन्वेषण और अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना

2. दोहरे कराधान से बचाव के समझौते पर प्रोटोकॉल

3. संयुक्त राष्ट्र शांति ऑपरेशन को लागू करने में सहयोग बढ़ाना

4. 2017 को मैत्री वर्ष के रूप में मनाएगा वियतनाम और भारत

5. स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन

6. सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

7. सामाजिक विज्ञान तथा वैश्विक मामलों की भारतीय परिषद और वियतनामी अकादमी के बीच हुआ समझौता

8. साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर

9. BIS और STAMEQ जैसे मानकों की मान्यता पर समझौता

10. उन्नत आईटी प्रशिक्षण के लिए सूचना तकनीक के आधारभूत ढांचे की स्थापना करने पर बनी सहमति

11. व्हाइट शिपिंग सूचना पर तकनीकी समझौता

12. गश्ती नौकाओं के निर्माण के लिए 100 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत L&T को ठेका देने संबंधी समझौते शामिल है।

वियतनाम के साथ संबंधों को अहमियत देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामरिक रणनीतिक साझेदारी को ओर बेहतर बनाने का ऐलान किया। अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में नौवहन मुक्त अधिकारों के मुद्दे पर भारत वियतनाम को नैतिक समर्थन जारी रखेगा।

वियतनाम के साथ रक्षा समझौतों को मजबूत करने के लिए भारत ने 500 मिलियन डॉलर की मदद का एलान किया। पीएम मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय चुनौतियों को सामना करने के लिए वियतनाम को भारत हरसंभव मदद देता रहेगा।

वियतनाम के साथ आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए दोनों देशों के बीच आपसी मौजूदा निवेश को बढा़ए जाने पर बल दिया गया। साथ ही द्विपक्षीय व्यापार 2020 तक 15 बिलियन डॉलर तक ले जाने पर भी सहमति बनी।

इस मौके पर प्रधानमंत्री…वियतनाम के साथ अपने 2000 साल पुराने संबंधों को याद करना नहीं भूले। कुआन सु पगोड़ा मंदिर के दर्शन करने गए पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे देश वियतनाम के लिए युद्ध लाए वहीं भारत बुद्ध का संदेश लाया।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने वहा मौजूद भिक्षुओं को भारत आने के लिए आमंत्रित किया। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हो चि मिन्ह की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्घांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने अपने फेसबुक पोस्ट में चि मिन्ह को 20वीं सदी का सबसे बड़ा नेता बताया।

पूर्व राष्ट्रपति हो चि मिन्ह को वियतनाम के जननायक के रूप में जाना जाता है। 2 सितंबर 1945 को हो चि मिन्ह ने ‘वियतनाम (शांतिसंदेश) जनवादी गणराज्य’ की स्थापना की थी। बाद में राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। पीएम मोदी हो चि मिन्ह के स्टिल्ट हाउस भी गए जहां उन्होंने 1958 से 1969 में अपनी सांस तक समय बिताया।

प्रधानमंत्री का वियतनाम दौरा सही मायमों में ऐतिहासिक रहा। रक्षा समझौते से लेकर रणनीतिक साझेदारी तक यह दौरा भारत और वियतनाम के साथ संबंधों में एक नए अध्याय की शूरूआत माना जा रहा है।

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