24 घंटे में 55.7 मिमी बारिश

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लंबे इंतजार के बाद लौटा मानसून दूसरे ही दिन आफत बन गया। जिले में 24 घंटे के दौरान औसत तीन इंच बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। आलोट में सात इंच के करीब बारिश के बाद शिप्रा सहित सहायक नदियों में जल स्तर बढ़ गया है। वहीं, रतलाम शहर में निचली बस्तियां जलमग्न हो गई तो सड़कों पर पानी बह निकला। जावरा विकासखंड के बड़ावदा व उससे लगे इलाकों में खेत, तालाब की शक्ल में बदल गए। वहीं, सैलाना व शिवगढ़ में बारिश का पानी घरों, स्कूलों व ग्राम पंचायत भवनों में प्रवेश कर गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी अनुविभागीय अफसरों को अलर्ट कर दिया है। . मेघ दो दिन से जिले में झमाझम बरस रहे हंै। पिछले 24 घंटों के मध्य जिले में 55.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई, आलोट विकासखंड में सर्वाधिक करीब 6.7 इंच बारिश हुई है। रविवार सुबह से तेज तो कभी रिमझिम बारिश का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। सभी विकासखंडों में जोरदार बारिश से नदी-नाले बह निकले। दो दिन से लगातार हो रही झमाझम बारिश से फसलों को मिले जीवन दान से किसान प्रसन्न है तो बाजार में भी व्यापारियों की दुकानों पर चहल-पहल दिखने लगी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सभी विकासखंडों में अधिक बारिश हो रही है। अब तब जिले की औसत वर्षा 12.7 इंच दर्ज हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक 4.5 इंच बारिश हुई थी। बीते वर्ष से 8 इंच ज्यादा अधीक्षक भू अभिलेख कार्यालय के डीएस गोयल ने बताया कि जिले में पिछले 24 घंटों में 55.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई। इस दौरान बाजना में 14 मिमी, रतलाम में 34.2 मिमी, आलोट में 168 मिमी, जावरा में 73 मिमी, पिपलौदा में 25 मिमी तथा सैलाना विकासखंड में 20 मिमी वर्षा दर्ज की गई। एक जून से अब तक जिले में कुल औसत वर्षा 317.7 मिमी दर्ज की गई। रविवार सुबह 8.30 बजे शाम 5.30 बजे के मध्य शहर में 49.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम प्रेक्षक महेश शर्मा ने बताया कि दिन का तापमान 26.4 मिमी दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री पर आ गया। सुबह की आद्रüता 99 और शाम की 100 प्रतिशत दर्ज की गई। शहर के कई इलाकों में जलजमाव शहर में डाट की पुलिया, न्यू रोड, कलाईगर रोड, नौलाईपुरा, नाहरपुरा, वेद व्यास कॉलोनी, पीएंडटी कॉलोनी, कॉलेज रोड आदि क्षेत्रों में सड़कों पानी भर जाने से राहगिर नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दो बत्ती चौराहे, मित्र निवास रोड, पर गaों में पानी भर जाने से कई वाहन चालक दुर्घटना ग्रस्त होने से बचे। वहीं, जावरा रोड से लगी निचली बस्तियों में दोपहर से रात तक घरों में पानी भरा रहा। महूरोड पर भी कई बस्तियां जलजमाव के कारण भरी रही। यही हालात काजीपुरा से लेकर मोचीपुरा के बीच रहे।

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