लव कमांडोज संगठन’ ने 30 हजार से अधिक प्रेमियों को मिलाया

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नई दिल्ली: आज जब देश में ‘लव
जिहाद’ चर्चा में फैला हुआ नजर आ रहा है। तब ‘लव कमांडोज’ नामक एक संगठन ने प्यार से नजरे मोडऩे वालों
के लिए डटकर मुकाबला करने के लिए सामना आया है। विवाह की कम से कम कानून के आधार पर
उम्र पूर्ण कर चुके प्रेमी युगलों को एक-दूसरे से जोडने के प्रति प्रतिबद्ध संगठन ‘लव कमांडोज़’ का दावा है कि उन्होंने चार वर्षो के कम
समय में 30 हजार से अधिक प्र्रेमियों
को मिलाया है।
लव कमांडोज के अध्यक्ष संजय सचदेव ने बताया कि, ”हम इस भारत में प्रत्येक प्रेमियों को एक-दूजे
से मिलाना चाहते हैं,
हम उनकी जाती व धर्म को
कभी नहीं बख्सा जायेगा। चाहे उनकी जाति, समुदाय, धर्म या निवासस्थल किसी भी प्रकार का हो
हमको इससे कोई मतलब नहीं है। एक ऐसा समाज होना चाहिए, जहां एक-दूजे का व्यवहार ही सबसे ऊँचा होना
चाहिए।”
हम आपको मुख्य रूप से बताते है कि दिल्ली के पहाडगंज क्षेत्र में
अपना कार्यालय स्थापित करने वाली इस स्वयंसेवी संगठन का दावा है कि वह जोड़ों को सुरक्षा
उपलब्ध करवाती है और उन्हें उनके नाराज माता-पिता, परिवारों
या पुलिस के रोष से बचाती है। यह संस्था इन जोड़ों को शोषण के खिलाफ लडने में मदद करती
है और उन्हें शरण देती है ताकि वे स्वतंत्र होकर विवाह कर सकें। और खुशहाली से अपना
जीवन यापन कर सके।
समूह ज्यादा चर्चा में आने से बचता है क्योंकि उसका मानना है कि
अत्यधिक चर्चा के चलते भागकर आए प्रेमी नजरों में आ सकते हैं। सचदेव दावा करते हैं, ‘जिन लोगों की हम मदद कर रहे हैं, उनमें से कई लोगों के खिलाफ पुलिस मामले
दर्ज हैं और ऐसे कई समूह हैं,
जो नहीं चाहते कि हम अपनी
गतिविधियां जारी रखें’। 
सचदेव ने यह भी बताया कि कभी-कभी परिस्थितियां ऐसी भी होती हैं, कि मजबूरन हमें अपने शेल्टर होम का ट्रांसफर
करना पड़ता है। हमने इस संस्था को चलाने के लिए एवं सुविधा के लिए दो हेल्पलाइन नंबर
भी उपलब्ध कराये हैं और देश के करीब 12
शहरों में इन नंबरों पर लगातार व्यक्तियों के फोन आते रहते हैं। सही
कॉल के प्राप्त होने पर कमांडो तत्काल सहायता करेगा। दिल्ली और एनसीआर में इस संगठन
के केवल 7 स्थायी शेल्टर होम हैं
लेकिन देश के जिन हिस्सों में जरुरत पडती है, वहां
समूह अस्थायी शेल्टर होम बनाता है।

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