एशियन गेम्स (हॉकी): भारत ने पाक को 4-2 से हराया

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इंचियोन
में हो रहे एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी टीम ने पाकिस्‍तान को हराकर गोल्‍ड मेडल अपने
नाम कर लिया है. इसी के साथ भारत ने 2016
में रियो-डी जनेरियो में होने वाले ओलंपिक के लिए भी क्‍वालिफाई कर
लिया है. फाइनल मुकाबले में भारत पर दबाज काफी ज्‍यादा था, क्‍योंकि लीग मैच में उसे पाकिस्‍तान के
हाथों हार झेलनी पड़ी थी.
दोनों
टीमें 60 मिनट के खेल के दौरान
1-1 गोल की बराबरी पर रहीं, इस‍के बाद एक्‍स्‍ट्रा टाइम में भी दोनों
टीमें गोल करने में नाकामयाब रहीं. अंत में जीत-हार का फैसला करने के लिए हुए पेनल्‍टी
शूटआउट में भारतीय टीम ने बाजी मारी और गोल्‍ड मेडल अपने नाम कर लिया.
इंचियोन
में भारत के नाम अब कुल 9 गोल्‍ड मेडल हो गए हैं.
इससे पहले 1998 में बैंकॉक में हुए एशियाई
खेलों में भारत ने हॉकी का गोल्‍ड मेडल जीता था. पाकिस्‍तान के पिछली बार के डिफेंडिंग
चैंपियन होने के कारण भी भारत के लिए यह मुकाबला काफी कठिन माना जा रहा था, लेकिन टीम इंडिया ने जबरदस्‍त खेल का प्रदर्शन
किया.
निर्धारित
60 मिनट तक स्कोर 1-1 से बराबर रहने पर मुकाबला
पेनल्टी शूटआउट तक खिंचा,
जिसमें भारत ने चार गोल
किए जबकि डिफेंडिंग चैंपियन पाकिस्तान दो गोल ही कर सका. भारत के लिए आकाशदीप सिंह, रूपिंदर पाल सिंह, बीरेंद्र लाकड़ा और धरमवीर सिंह ने पेनल्टी
शूटआउट में गोल दागे,
जबकि मनप्रीत सिंह नाकाम
रहे. वहीं पाकिस्तान के लिए वकास अहमद और शफकत रसूल ने गोल दागे जबकि मोहम्मद हसीम
खान और मोहम्मद उमर भुट्टा गोल नहीं कर सके.
इससे
पहले निर्धारित समय में पाकिस्तान के लिए मोहम्मद रिजवान सीनियर ने तीसरे ही मिनट में
गोल दाग दिया था. भारत के लिए बराबरी का गोल 27वें
मिनट में कोथाजीत सिंह ने किया.
दूसरी
ओर, पाकिस्तान सेमीफाइनल में मलेशिया को संघषपूर्ण
मुकाबले में पेनाल्टी शूटआउट में 6-5 से हराकर फाइनल में पहुंचा
है। भारत के लिहाज से देखें तो पाकिस्तान के खिलाफ उसके आंकडे भारत के पक्ष में नहीं
जाते। दोनों ही टीमें एशियाई खेलों के फाइनल में आठ बार एक-दूसरे के खिलाफ खेली हैं
जिसमें सात बार पाकिस्तान विजयी रहा है। गौरतलब है कि एशिया की सबसे मजबूत टीमों में
से एक भारत और पाकिस्तान इन दिनों हॉकी में मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। पाकिस्तान
1971 में शुरू हुए हॉकी विश्व
कप में इस बार क्वालीफाई करने में भी नाकाम रहा। भारत का भी विश्व कप में सफर निराशाजनक
ही रहा और टीम नौवें स्थान पर रही।
राष्ट्रमंडल
खेलों में जरूर टीम रजत पदक जीतने में सफल रही। ऎसे में भारत और पाकिस्तान दोनों के
लिए अपनी खोई हुई गरिमा को वापस पाने का यह सुनहरा मौका होगा। पिछले रिकॉर्ड को देखें
तो इससे पहले 2002 के एशियाई खेलों में दोनों
टीमें एक दूसरे से भिडी थीं। उस समय भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से सेमीफाइनल में हराया
था। फाइनल में हालांकि दक्षिण कोरिया से 3-4
से हारकर भारत को रजत पदक से संतोष करना पडा था। इसके बाद 2010 के एशियाई खेलों के ग्रूप
मुकाबले में भी भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 3-2
से हराया।

पाकिस्तान
हालांकि इस टूर्नामेंट का स्वर्ण जीतने में कामयाब रहा जबकि भारत को कांस्य से संतोष
करना पडा। भारतीय टीम 17वें एशियाई खेलों के ग्रुप मुकाबले में पाकिस्तान
से हार चुकी है। ऎसे में भारत फाइनल जीत इस हारा का भी बदला चुकाने की कोशिश करेगा।
भारतीय टीम के कोच टेरी वॉल्श ने भी माना कि पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल भारतीय खिलाडियों
की असली परीक्षा होगी।

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