अब प्राकृतिक आपदा से जनहानि की राहत राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये

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राज्य शासन ने किसान हितैषी फैसला लेते हुए राजस्व पुस्तक परिपत्र में व्यापक संशोधन किए हैं। नये संशोधनों से किसानों को प्राकृतिक आपदा के समय समुचित राहत राशि मिल सकेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं के परिप्रेक्ष्य में यह संशोधन किए गए हैं। परिपत्र के खण्ड 6 क्रमांक 4 के अनुसार जनहानि होने पर पूर्व में डेढ़ लाख की राशि दी जाती थी जिसे बढ़ाकर अब 4 लाख रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह गाय, भैंस, ऊँट आदि पशुओं पर दी जाने वाली राहत राशि 16 हजार 500 से बढाकर 30 हजार कर दी गयी है। ऐसे कच्चे मकान जो मरम्मत योग्य नहीं हो उसमें वास्तविक क्षति के आकलन पर पहले मिलने वाली अधिकतम राहत राशि को 20 हजार को बढाकर 95 हजार रुपये कर दिया गया है। गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान का 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान के आकलन पर दी जाने वाली अधिकतम राहत राशि 12 हजार 600 को बढाकर 95 हजार 100 रूपये कर दिया गया है। साथ ही 50 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त होने पर कच्चे मकान के लिए मिलने वाली राशि को भी रुपये 3,800 से बढ़ाकर 95 हजार 100 रूपये कर दिया गया है।
   शारीरिक अंग हानि के लिए 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत विकलांगता होने पर रुपये 43 हजार 500 के स्थान पर 59 हजार 100 रूपये और 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता पर दी जाने वाली राहत राशि 62 हजार 500 से बढ़ाकर 2 लाख रूपये कर दी गयी है।
  स्वीकृति अधिकारी सीमा में भी वृद्धि
   राज्य शासन द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत आर्थिक सहायता अनुदान स्वीकृत करने के लिए वित्तीय अधिकार सीमा में भी संशोधन किया गया है। अब संभागायुक्त- 5 लाख रूपये से अधिक, कलेक्टर- 5 लाख रूपये तक, उपखण्ड अधिकारी- एक लाख रूपये तक और तहसीलदार अपने स्तर पर 50 हजार रूपये तक का आर्थिक सहायता अनुदान स्वीकृत कर सकेंगे।

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