कोल इंडिया करेगी 60 हजार करोड़ का निवेश

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सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड चालू पंचवर्षीय योजना के दौरान विभिन्न विस्तार योजनाओं पर कुल मिलाकर 59,400 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने जा रही है। इसमें से 25,000 करोड़ रुपये का निवेश विदेश में कोयला परिसंपत्तियों के अधिग्रहण पर किया जाएगा। यह जानकारी कोयला राज्य मंत्री प्रकाश बाबू पाटिल ने यहां राज्यसभा में दी।
पाटिल ने कहा कि अप्रैल, 2012 से लेकर मार्च, 2017 तक की 12वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि के दौरान कोल इंडिया लिमिटेड के लिए 24,400 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश तय किया गया है। इसके अलावा, कंपनी विदेश में परिसंपत्तियों के अधिग्रहण पर 25,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। साथ ही, कंपनी मोजाम्बिक में कोल ब्लॉक के डेवलपमेंट पर 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
पाटिल ने बताया कि वर्ष 2012-13 की सालाना योजना के बजट प्रावधानों के मुताबिक कोल इंडिया लिमिटेड 4,275 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश से 46.41 करोड़ टन कोयले के उत्पादन का लक्ष्य हासिल करेगी। साथ ही, इस साल के दौरान कंपनी के लिए 47 करोड़ टन कोयले के डिस्पैच का लक्ष्य तय किया गया है।
इस साल कंपनी विदेश में परिसंपत्तियों के अधिग्रहण पर 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी इस साल मोजाम्बिक में कोल ब्लॉक के डेवलपमेंट पर 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एक अन्य सवाल के जवाब में पाटिल ने बताया कि कोल इंडिया लिमिटेड कोयला उत्पादन की जिम्मेदारी किसी प्राइवेट कंपनी को नहीं देती है। हालांकि, कंपनी व इसकी सब्सिडियरी कोयला उत्पादन से जुड़े कुछ काम उपकरणों को किराए पर लेकर जरूर करती हैं।
बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सोमवार को कोल इंडिया के शेयर का भाव 350.20 रुपये पर खुला और पिछले बंद स्तर की तुलना में 2.18 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 360.45 रुपये पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय कंपनी का पूंजीकरण 2,27,673 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज किया गया।

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