नोट-बंदी के बाद सहकारी बैंकों में जमा हुए 211 करोड़, Income Tax विभाग ने शुरु की जांच

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भोपाल । मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को आज 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन लोगों को पैसा निकालने में अभी भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है।. इस बीच वित्त मंत्रालय ने किसानों को राहत देते हुए जिला सहकारी बैंकों के लिए 21 करोड़ कैश दिए जाने का एलान किया है।आपको बता दें की सहकारी बैंकों में राशि जमा करने वाले लोगों में से कुछ किसान ऐसे भी हैं ,जिन्होंने बैंक में एक करोड़ रुपए से ज्यादा रुपयें खातों में जमा किए हैं।

इस मामले में वित्त मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा है कि किसानों को राहत देने के लिए जिला सहकारी बैंकों को 21 करोड़ दिए जाएंगे,ताकी किसानों को आने वाले समय में कोई दिकक्त ना हो।

दरअसल, नोटबंदी के बाद सहकारी बैंकों के जरिए बड़े पैमाने पर कालेधन को सफेद करने वालों पर आयकर विभाग अपने नजर जमाए हुए हैं। साथ ही विभाग ने सहकारी बैंकों के उन खातों की सूची और जानकारी मांगी है, जिनके खाते में तय सीमा से अधिक राशि जमा हैं।. माना जा रहा हैं किसानों द्वारा 5 दिन में 211 करोड़ रुपये खातों में जमा किए गए हैं।

सूत्रों के हवाले से खबर हैं की बैंक में 16 किसानों के खातों में एक करोड़ रुपए से ज्यादा राशि जमा की गई है, साथ ही इन 16 किसानों में से भोपाल से 6, छिंदवाड़ा से 6 और इंदौर से 4 किसानों के शामिल होने की संभावना हैं,जिनके खाते में 1 करोड़ से ज्यादा राशि जमा की गई।इसके अलावा आयकर विभाग का दावा हैं की बाकी के किसानों के खातों में भी ढ़ाई लाख से अधिक पैसा जमा होने की आशंका हैं।जांच की जा रही हैं जिनमें 2000 किसानों के एकाउंट में ढ़ाई लाख से ज्यादा पैसा जमा किया गया हैं।

आयकर विभाग द्वारा सभी खाताधारकों की जानकारी मांगे जाने पर सहकारी बैंकों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।जिसमें ऐसा दावा किया गया हैं की किसी भी खाते में गलत तरीके से कोई पैसा जमा नहीं हुआ है।

गौरतलब हैं की कुछ दिनों पहले ही प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में सहकारी बैंकों में पैसा जमा करने की बात को लेकर पीएम को पत्र लिखा था।

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