अमेरिका में पाकिस्तान के विदेश सचिव की प्रेस कॉन्फ्रेंस से भारतीय पत्रकार को बाहर निकाला गया

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उरी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने का असर कई तरह से दिख रहा है. सोमवार को न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के विदेश सचिव अजीज अहमद चौधरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले एक भारतीय पत्रकार को आयोजन स्थल से बाहर निकाल दिया गया. खबरों के मुताबिक एनडीटीवी की रिपोर्टर नम्रता बरार के लिए ‘इस इंडियन को निकालो’ वाक्य का इस्तेमाल किया गया और उन्हें बाहर जाने के लिए कहा गया. एनडीटीवी के मुताबिक किसी भी भारतीय को कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई. यह कॉन्फ्रेंस संयुक्त राष्ट्र की आम बैठक (यूएनजीए) से इतर बुलाई गई थी. यूएनजीए में भारत द्वारा पठानकोट और उरी हमले सहित बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को प्रमुखता से उठाने की संभावना है.

इस बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पहले ही अमेरिका पहुंच चुके हैं. वे बुधवार को बैठक को संबोधित करेंगे. रविवार को पाकिस्तान नेतृत्व उरी हमले से जुड़े सवालों का जवाब देने से बचता रहा. प्रधानमंत्री शरीफ ने एक अन्य पत्रकार के उरी हमले से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दिया. हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार हनन को लेकर कई आरोप लगाए थे और उनसे स्थिति में हस्तक्षेप करने की मांग की थी.

उरी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरने का फैसला किया है. सोमवार को प्रमुख मंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की बात कही. इससे पहले विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार से अनुरोध किया था कि उसे पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने का प्रयास करना चाहिए.

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के नजदीक उरी में हुए फिदायीन हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे. हमला रविवार सुबह किया गया था. इसमें चार आतंकी शामिल थे जो जवाबी कार्रवाई में मारे गए. सेना ने शुरुआती जांच के आधार पर चारों आतंकियों को पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा बताया है. जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर है जिसे 1999 के कंधार विमान अपहरण के समय छोड़ा गया था.

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