बंदूक का शौक हुआ अब और मुश्किल,नई गाइडलाइन जारी

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भोपाल। बंदूक का शौक रखने वालों के लिए हो सकता है ये खबर अच्छी न हो,क्योकि पहले बंदूक का लाइसेंस काफी मुश्किल कम नहीं था,लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ताजा गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसमें ऐसे तमाम नियम कायदों को शामिल किया गया है, जिनका पालन होने पर ही लाइसेंस का आवेदन दिया जा सकेगा। सबसे पहली शर्त तो ये रहेगी कि व्यक्ति को गन चलाने की ट्रेनिंग लेना होगी। स्वास्थ्य विभाग से हेल्थ सर्टिफिकेट लेना होगा। वहीं कई अन्य बड़ी शर्ते भी अनिवार्य कर दी गई है।

ये नियम करोगे पूरा,तभी मिलेगा लाइसेंस :-

  • अधिकृत ट्रेनिंग स्कूल से गन चलाने का सर्टिफिकेट लेना होगा।
  • घर में गन को सुरक्षित तरीके से रखने की व्यवस्था है, इसका शपथ पत्र देना होगा।
  • शराब पीने वालों या अनफिट लोगों की पहचान करने हेल्थ सर्टिफिकेट लेना होगा।
  • आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या पास पोर्ट जैसे अन्य तरह के पहचान पत्र भी देने होंगे।
  • इसके बाद जब आवेदन जमा होगा। तब पुलिस वेरीफिकेशन और अन्य जानकारियां भी पेश की जाएंगी।

ये सब हो भी जाए तब कलेक्टर और एसपी बारह बोर के लिए लाइसेंस की स्वीकृति दें ये जरूरी नहीं। वहीं पिस्टल या रिवाल्वर के लिए गृह विभाग भोपाल से परमिशन मिलेगी।

अब नवीनीकरण भी नही है आसान

अभी तक नए आवेदन पर ही पुलिस वेरीफिकेशन होता है। लेकिन अब तीन साल में लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए भी पुलिस वेरीफिकेशन किया जाएगा। क्योंकि तीन साल में किसी ने अपराध किया होगा तो उसका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।

अब नही कर पाएगें हष फायर

खास बात ये है कि गाइडलाइन में शादी विवाह या किसी आयोजन में हर्ष फायर करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोई गनधारी आवाज वाले बुलेट से भी फायर नहीं करेगा। ये प्रावधान गाइडलाइन में शामिल है। इसका उल्लंघन होने पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

हर गनधारी का विशेष कोड

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जिला, प्रदेश और देश के सभी गन लाइसेंसधारियों के लिए यूनिक कोड लेना तय हुआ है। ये कोड लाइसेंस ले चुके और लेने वालों के लिए अनिवार्य किया गया है। सभी डाटा गृह विभाग और जिला स्तर पर पुलिस व प्रशासन के पास रहेगा।

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