बिलासपुर: पीएम ने एम्स और आईआईआईटी की आधारशिला रखी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एम्स की आधारशिला रखी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल के खुल जाने से प्रदेश, पंजाब सहित आसपास के इलाकों को काफी सुविधा होगी। बिलासपुर में बनने वाले एम्स से इस पहाड़ी राज्य के साथ-साथ आसपास के राज्यों को तो फायदा होगा ही साथ ही ये हिमाचल के विकास में निश्चित तौर पर मील का पत्थर भी साबित होगा।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल के खुल जाने से प्रदेश, पंजाब सहित आसपास के इलाकों को काफी सुविधा होगी। बिलासपुर रोड पर बनने वाला एम्स 200 एकड़ में फैला होगा, जिसमें 750 बेड की सुविधा होगी। यहां मेडिकल के साथ-साथ नर्सिंग की पढ़ाई भी होगी। बिलासपुर में एम्स के निर्माण पर 1350 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।

पीएम मोदी ने ऊना सालोह में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान यानि आईआईआईटी और कांगड़ा स्टील प्लांट का शिलान्यास किया। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए डिज़िटल नर्व सेंटर का भी उद्घाटन किया। नर्व सेंटर के ज़रिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का रिकार्ड भी डिज़िटल होगा। इससे लोगों के लिए स्वास्थ्य सेंवाऐ टेलीमेडिसिन के ज़रिए या किसी दूसरे विशेषज्ञ से लेनी आसान होंगी। इस मौक़े पर प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री वीरभद्र भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा ने एम्स को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर बनाया। साथ ही उन्होने केंद्र सरकार के द्वारा राज्य में चलाए जा रहे विकास कार्यों को सराहा। उन्होने कहा कि राज्य में कई परियोजनाऐं लटकी हुई थी लेकिन जब से केंद्र में 2014 से मौजूदा सरकार बनीं तब से हिमाचल प्रदेश कई बड़ी परियोजनाओं की शुरूआत का गवाह बना। उन्होने कहा कि राज्य में चाहे राजमार्गों को बनाने की बात हो या भी सुदूर गांवों तक बिजली पहुंचाने का संकल्प सभी रिकार्ड टाइम में पूरे हुऐ हैं।

बिलासपुर के कोठीपुरा में बनने वाला ये एम्स देश में 8वां एम्स होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में मई 2014 में शुरू हुआ सफल सफर आज तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य 2020 तक 5 एम्स बनाने का है तो अगले 5 एम्स 2021 तक बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। बिलासपुर में बनने वाले इस एम्स से इस पहाड़ी राज्य के साथ-साथ आसपास के राज्यों को तो फायदा होगा ही साथ ये हिमाचल के विकास में निश्चित तौर पर एक मील का पत्थर भी साबित होगा।