बंद होने की कगार पर घरों में चल रही शालाएं

23
मकान मालिक स्कूल भवन खाली कराने का बना रहे दबाव, जिले की सौ से ज्यादा स्कूलों में खुद का भवन तक मुहैया नहीं विवेक मिश्र. सतना जिले के एक सैकड़ा घरों में सहयोग की पाठशाला चल रही है। वो शालाएं ऐसी हैं, जिनके पास खुद के भवन नहीं हैं। निजी भवनों में एक या दो कमरों में वर्षों से चल रही शालाओं को भवन मालिकों द्वारा खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे एक सैकड़ा शालाओं में अध्ययनरत पांच हजार से अधिक बच्चों के भविष्य में अंधकार फैलने की संभावना प्रबल हो गई है। जिला शिक्षा केंद्र भी शालाओं के लिए खुद की जमीन तलाशने में असफल साबित हो रहा है। जिला शिक्षा केंद्र की जिम्मेदारी सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं के लिए भवन की उपलब्धता कराने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा केंद्र के पास है। इसके लिए उनके पास भारी भरकम राशि भी राज्य शिक्षा केंद्र से आवंटित होती है। लेकिन उसके बाद भी मझगवां, रामपुर बाघेलान, सोहावल, उचेहरा व नागौद विकासखंड ऐसे हैं, जहां पर एक दर्जन से अधिक की संख्या में शाला संचालन के लिए खुद की जमीन न होने से निजी भवन मालिकों के सहयोग से एक या दो कमरों में शालाओं का संचालन कर नौनिहालों के भविष्य की नींव रखी जा रही है। लेकिन ये शालाएं दो वर्ष से अधिक हो जाने पर भवन मालिकों के मन में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। इसलिए उन्होंने शिक्षकों पर भवन को खाली करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अब शालाओं में पढ़ रहे पांच हजार बच्चों के भविष्य में शिक्षा का उजियारा कैसे फैलेगा, इस पर जिला शिक्षा विभाग व शिक्षा केंद्र भी स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। केंद्र के पास सूची नहीं जिले में कहां-कहां पर भवन विहीन शालाओं का संचालन घरों में हो रहा है इस बारे में जिला शिक्षा केंद्र के अधिकारियों को जानकारी नहीं है। एक अधिकारी के अनुसार, सभी बीआरसी को पत्र लिखकर घरों में शाला का संचालन की सूची मांगी गई है। ताकि इसकी पुष्टि हो सके, मौजूदा समय में शाला का संचालन हो रहा है। जबकि स्थिति इसके विपरीत है, शिक्षा केंद्र के आंकड़ों में प्राथमिक शाला के लिए आने वाली योजनाओं का लाभ छात्रों को दिया जा रहा है। तलाश रहे हैं जमीन जिला परियोजना समन्वयक विष्णु कुमार त्रिपाठी ने बताया, यह सही है कि करीब एक सैकड़ा शालाओं के लिए खुद का भवन नहीं है। वे मौजूदा समय में निजी घरों संचालित की जा रही हैं। कुछ शिक्षकों ने बताया है, भवन मालिक शाला का संचालन अन्यंत्र कहीं करने का दबाव बना रहे हैं। जिला शिक्षा केंद्र की ओर से कोशिश जारी है कि जल्द से जल्द से जमीन तलाश कर उन्हें खुद का भवन उपलब्ध कराया जा सके। यहां चल रहे भवनविहीन स्कूल विकासखंड शालाओं की संख्या मझगवां 29 सोहावल 16 उचेहरा 14 नागौद 10 रामपुर बाघेलान 11 अमरपाटन 05 रामनगर 08 मैहर 02

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here