मप्र के इन शहरों की तरफ बढ़ रहा है तूफान

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भोपाल. बांग्लादेश के पास चक्रवाती तूफान कोमेन बन चुका है. यह कोलकाता से 250 किमी दूर है. यह मप्र की तरफ बढ़ रहा है. मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि यह भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, खंडवा, खरगोन एवं आसपास के इलाकों को प्रभावित कर सकता है. इसके यहां रविवार तक पहुंचने की संभावना है. यहां तक पहुंचते पहुंचते इसकी शक्ल बदल सकती है लेकिन लगातार मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं आ सकतीं हैं. मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया कि पष्चिम बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान कोमेन दबाव में तब्दील हो चुका है और इसका असर दो अगस्त तक झारखंड में रहने की संभावना व्यक्त की गयी है. राजधानी रांची में आज सुबह छह बजे से ही झमाझम बारिश हुई और दोपहर तक करीब 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गयी है. इस बारिष से जहां नालियों का कचरा बहकर सड़कों पर आ गया है और निचले इलाके में जलजमाव तथा कई मकानों में पानी घुस जाने के कारण लोगों की मुष्किलें बढ़ गयी हैं, वहीं बारिश से धान की रोपनी का काम जोर पकड़ा है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी अच्छी बारिश हो रही है. संतालपरगना प्रमंडलीय मुख्यालय दुमका और हिस्सों में कल आधी रात से हो रही बारिश से सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है. तेज हवाओं के साथ हो रही बारिष के कारण कई पेड़ उखड़ गये और टहनियां टूट कर गिर गयी. वहीं बारिष से दूरसंचार और बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है. चक्रवाती तूफान से हो रही बारिष का असर रांची व दुमका के अलावा साहेबगंज, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, पूर्वी और पष्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां और रामगढ़ जिले में भी देखने को मिल रहा है. आपदा प्रबंधन विभाग ने कोमेन के कारण अलर्ट जारी करते हुए तूफान के संभावित मार्ग पर बचाव और राहत तैयारियां पूरी रखने का निर्देश जारी किया है. भोपाल. बांग्लादेश के पास चक्रवाती तूफान कोमेन बन चुका है. यह कोलकाता से 250 किमी दूर है. यह मप्र की तरफ बढ़ रहा है. मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि यह भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, खंडवा, खरगोन एवं आसपास के इलाकों को प्रभावित कर सकता है. इसके यहां रविवार तक पहुंचने की संभावना है. यहां तक पहुंचते पहुंचते इसकी शक्ल बदल सकती है लेकिन लगातार मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं आ सकतीं हैं. मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया कि पष्चिम बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान कोमेन दबाव में तब्दील हो चुका है और इसका असर दो अगस्त तक झारखंड में रहने की संभावना व्यक्त की गयी है. राजधानी रांची में आज सुबह छह बजे से ही झमाझम बारिश हुई और दोपहर तक करीब 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गयी है. इस बारिष से जहां नालियों का कचरा बहकर सड़कों पर आ गया है और निचले इलाके में जलजमाव तथा कई मकानों में पानी घुस जाने के कारण लोगों की मुष्किलें बढ़ गयी हैं, वहीं बारिश से धान की रोपनी का काम जोर पकड़ा है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी अच्छी बारिश हो रही है. संतालपरगना प्रमंडलीय मुख्यालय दुमका और हिस्सों में कल आधी रात से हो रही बारिश से सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है. तेज हवाओं के साथ हो रही बारिष के कारण कई पेड़ उखड़ गये और टहनियां टूट कर गिर गयी. वहीं बारिष से दूरसंचार और बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है. चक्रवाती तूफान से हो रही बारिष का असर रांची व दुमका के अलावा साहेबगंज, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, पूर्वी और पष्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां और रामगढ़ जिले में भी देखने को मिल रहा है. आपदा प्रबंधन विभाग ने कोमेन के कारण अलर्ट जारी करते हुए तूफान के संभावित मार्ग पर बचाव और राहत तैयारियां पूरी रखने का निर्देश जारी किया है.

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