पूरे दिन बंद रहा पेटलावद, परेशान हुए यात्री

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पेटलावद। ब्लास्ट मामले को लेकर एक सप्ताह बीतने के बावजूद पुलिस आरोपी राजेंद्र कांसवा को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। शनिवार को फिर से लोग घटनास्थल पर पंहुचे। अचानक थोड़े से लोगों के समूह ने बड़ी भीड़ का रूप ले लिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए। थांदला-बदनावर मार्ग पर एकत्रित भीड़ ने अचानक चक्काजाम कर दिया। चारों तरफ से मार्ग का बंद कर दिया गया। इसके बाद भीड़ ने पूरे नगर में शांतिपूर्ण तरीके से बंद करवा दिया। व्यापारियों ने भी पूरा सहयोग कर दुकानों की शटर गिरा लिए। थोड़ी ही देर में पूरा नगर बंद हो गया। आक्रोशित भीड़ ने तोड़ा अहिंसा सर्कल ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिजन और लोगों में कितना रोष है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी कांसवा का जहां नाम आता है। आमजन वहां पहुंचकर अपना गुस्सा उतारते हैं। शनिवार को चक्काजाम के दौरान आक्रोशित भीड़ ने थांदला-बदनावर मार्ग पर बने अहिंसा सर्कल पर अपना गुस्सा उतारा। भीड़ ने पूरे सर्कल को चकनाचूर कर वहीं पर नया स्मारक बना दिया। इसका नाम श्रद्धांजलि चौक रखा गया। स्मारक के चारों ओर मृतकों के नाम लिखे गए। इसी के साथ शासकीय महाविद्यालय के नाम पर भी काली कालिख पोत दी। अचानक हुए बंद और चक्काजाम के कारण कई यात्रियों को परेशान होते देखा गया। वाहन नहीं मिलने से कई यात्री अपने घरों को लौट गए। बस स्टैंड से एक किमी दूर बसें रुकी। यात्रियों को पैदल चलकर नगर तक आना पड़ा। यात्रियों के साथ रहगीरों को भी परेशान होना पड़ा। जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। चाय-पानी को तरसे 11 बजे के बाद बंद हुए बाजार के कारण कई लोगों को चाय-पानी के लिए तरसना पड़ा। रोजना की तरह लोग नगर में अपने-अपने कार्य निपटाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन अचानक बाजार बंद होने के कारण कोई भी कार्य नहीं कर सके। मोईवागेली के शांतु निनामा का कहना है कि आमजन को हो रही परेशानी का कारण प्रशासन है। प्रशासन की लापरवाही के कारण अब तक आरोपी कांसवा पकड़ा नहीं गया है। इससे आमजन में आक्रोश वाजिब है। गोपाल मेड़ा ने भी आंदोलन को सही बताते हुए कहा कि प्रशासन की नींद तभी खुलती है जब जनता सड़कों पर उतरती है। एसपी के आश्वासन के बाद खोला मार्ग प्रशासन के छोटे अधिकारियों ने भीड़ को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ टस से मस नहीं हुई। शनिवार सुबह से लगाया गया जाम शाम 4 बजे खुला। वह भी आरोपी कांसवा की गिरफ्तारी और भगाने में सहयोग देने वालों पर कारवाई करने की शर्त पर। इसके लिए स्वयं एसपी जीजी पांडे को मैदान में उतरना पड़ा। शाम 4 बजे मार्ग पर बैठी भीड़ से मिलने एसपी को जाना पड़ा। पहले तो भीड़ ने बात करने से मना कर दिया, लेकिन आश्वासन मिलने की बात पर भीड़ ने बात करना स्वीकार्य किया। 

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