स्कूल में शूटआउट पर भर आईं ओबामा की आंखें

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आंखों में आंसू लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि स्कूल में हुई गोलाबारी पर अमेरिकी नेताओं को ‘मीनिंगफुल ऐक्शन’लेना होगा। उन्होंने कहा कि कनेक्टिकट ऐलिमेन्ट्री स्कूल में हुई इस वीभत्स घटना का जवाब अमेरिका सख्त से सख्त कार्रवाई करके देगा। साथ ही उन्होंने नेताओं से अनुरोध किया कि वह इस मामले का राजनीतिकरण करने से बचें।
वाइट हाउस से देश को संबोधित कर रहे ओबामा इस घटना से इतने दुखी थे कि बोलते वक्त बार-बार उनकी आंखें भर आ रही थीं। वह अपनी आंखों के कोनों से आंसू पोंछते जा रहे थे और अपनी बात कहते जा रहे थे। 5-10 साल की उम्र के बच्चों, जिनकी इस हादसे में मौत हो गई, के बारे में बात करते हुए अपने धैर्य को बनाए रखने के लिए वह रुक-रुक कर भाषण दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘हमारे दिल टूट गए हैं।’
देश को संबोधित करने से कुछ देर पहले उन्होंने शोक स्वरूप राष्ट्रीय झंडों को आधा झुकाने का आदेश दिया। अमेरिका के एक स्कूल में शुक्रवार को हुई गोलीबारी में 28 लोग मारे गए। मरने वालों में हमलावर सहित 8 वयस्क और 20 बच्चे भी शामिल थे। बच्चों की उम्र 5 से 10 साल थी। हमले के बाद बच्चों के पैरंट्स बड़ी तादाद में स्कूल पहुंचे।
स्कूल में गोलीबारी करने के बाद इस हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली। हालांकि पुलिस ने इस हमले के मकसद पर चुप्पी साध रखी है। माना जा रहा है कि हमलावर पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का मरीज था और कनेक्टिकट में ही अपनी मां के साथ रहता था।
दो बेटियों के पिता ओबामा ने कहा, ‘आज शाम मिशेल और मैं वही करेंगे जो अमेरिका के सभी माता-पिता करेंगे। हम सब आज अपने-अपने बच्चों को गले लगाएंगे और उन्हें बताएंगे कि हम उन्हें बहुत प्यार करते हैं। हम एक-दूसरे को यह याद दिलाएंगे कि हम एक दूसरे से कितना प्यार करते हैं।’ ओबामा ने माना कि अपने बच्चे या किसी अन्य प्रियजन को खोने की भरपाई नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने कहा कि पीडि़तों के परिवारों की मदद के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।
ओबामा ने कहा, ‘कनेक्टिकट के कई परिवार आज रात अपने बच्चों को गले नहीं लगा पाएंगे और अभी उन्हें हम सबकी जरूरत है। मुश्किल समय में उस समुदाय को हमारे सहारे की जरूरत है। मैं राष्ट्रपति के रूप में हरसंभव सहयोग करूंगा। दुनिया से जा चुके बच्चों या अन्य प्रियजनों की जगह कोई नहीं भर सकता लेकिन हम सब इन लोगों की ओर हाथ बढ़ाकर उन्हें बता सकते हैं कि हम उनके साथ हैं, हम उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं और दुनिया से जाने वाले अपने प्रियजनों की यादें सिर्फ उनके दिलों में ही नहीं, बल्कि हमारे दिलों में भी मौजूद हैं।’

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