पदोन्नति के लिए प्राचार्य कक्ष के आगे लेटा भृत्य

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टीआरएस कॉलेज में हंगामा, लैब अटेंडेंट के पद पर पदोन्नति की कर रहा मांग रीवा टीआरएस कॉलेज में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कॉलेज में कार्यरत भृत्य सूर्यभूषण पदोन्नति की मांग को लेकर जिद पर अड़ गया।प्राचार्य कक्ष के ठीक सामने धरने पर बैठे सूर्यभूषण ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उसे जानबूझ कर पदोन्नति से वंचित किया जा रहा है। भृत्य को जब प्राचार्य ने समझाने की कोशिश की तो वह ड्रामेबाजी पर उतर आया और वहीं लेट गया। मजबूरन प्राचार्य को पुलिस बुलानी पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे कर्मचारी को हटाया।इस बीच छात्रों की भीड़ जमा होने के चलते कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। पदोन्नति के लिए पात्र होने का दावा भृत्य से लैब अटेंडेंट पद पदोन्नति की मांग कर रहे सूर्यभूषण का दावा है कि वे पदोन्नति की पूरी पात्रता रखते हैं। लेकिन अधिकारी पदोन्नति नहीं कर रहे हैं।मामले को उनकी ओर से जानबूझ कर उलझाया जा रहा है। प्राचार्य को पदोन्नति करने का अधिकार है, लेकिन पदोन्नति के बजाय पद के व्यापमं के जरिए भरे जाने की तैयारी की जा रही है। समिति का पदोन्नति से इंकार प्राचार्य डॉ. एसयू खान का कहना है कि लैब अटेंडेंट के कॉलेज में तीन पद रिक्त हैं। रिक्त पदों में से 10 फीसदी पद पदोन्नति के जरिए प्राचार्य को भरने का अधिकार है। लेकिन महज तीन पद रिक्त होने के कारण प्राचार्य कोटे में एक पद भी नहीं मिल रहा है।इसके बावजूद एक पद पर पदोन्नति का निर्णय लेने के लिए एक चार सदस्यीय समिति गठित की गई। लेकिन समिति ने भी मामले को अटका दिया है। इस कारण से पदोन्नति नहीं हो पा रही है। एडी से मांगा गया विमर्श प्राचार्य डॉ. खान के मुताबिक चार सदस्यों की समिति में से दो ने सूर्यभूषण की पदोन्नति को हरी झंडी दी है।लेकिन दो सदस्यों ने यह कहते हुए पदोन्नति का प्रस्ताव खारिज कर दिया है कि जब रिक्तपद व्यापमं से भरे जाने को प्रस्ताव भेज दिया गया है तो फिर यहां पदोन्नति से नहीं भरा जा सकता है। कम पद होने से प्राचार्य कोटे में एक भी पद न आने की बात कही जा रही है। इसलिए समिति की रिपोर्ट पर अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा रीवा से विमर्श मांगा गया है। भृत्य को नोटिस फिलहाल प्राचार्य कक्ष के सामने भृत्य द्वारा धरना प्रदर्शन किए जाने को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया है।इसलिए भृत्य को अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। प्राचार्य के मुताबिक भृत्य रसायनशास्त्र विभाग में कार्यरत है। उसके खिलाफ वहां से भी शिकायत मिली है।

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