नागपुर टेस्ट: भारत की पारी लड़खड़ाई

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भारत की पारी एक बार फिर लड़खड़ा गई है. उसके चार प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके हैं और टीम काफी दबाव में दिखाई दे रही है.
भारत का चौथा विकेट गौतम गंभीर के रूप में गिरा उन्होंने 37 रन बनाए. सचिन तेंदुलकर एक बार फिर से नाकाम रहे वह तीसरे विकेट के रूप में सिर्फ दो रन बनाकर आउट हुए. एक समय चेतेश्वर पुजारा और गंभीर पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ा रहे थे. इन दोनों के बीच 58 रन की साझेदारी निभी. 
पुजारा कुछ देर संघर्ष करने के बाद स्वान की गेंद पर चकमा खा गए और बेल को कैच थमा गए.उन्होंने 26 रन बनाए. पहले विकेट के रूप में विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग कोई विस्फोट नहीं कर सके और बिना कोई रन बनाए एंडरसन की गेंद पर बोल्ड हो गए.
मैदान पर कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी नाबाद (08) रन और विराट कोहली नाबाद (11) रन बनाकर पारी को संभालने की जद्दोदहद में लगे हुए हैं.
इससे पूर्व दूसरे दिन इंग्लैंड की पहली पारी 330 रन पर सिमट गई. इंग्लैंड की ओर से पीटरसन और रूट ने 73-73, जबकि प्रायर ने 57 और स्वान ने 56 रनों का योगदान दिया. भारत की ओर से पीयूष चावला ने चार, जबकि इशांत शर्मा ने दो विकेट चटकाए. जडेजा के खाते में दो विकेट और अश्विन को एक सफलता मिली.
दूसरे दिन खेल के पहले सत्र में रविचंद्रन अश्विन ने प्रायर को 57 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया.इसके कुछ ही देर बाद इशांत ने ब्रेस्नन को बिना कोई रन बनाए पगबाधा आउट कर दिया. दोनों ही विकेट 242 रन के कुल योग पर गिरे. पहले सत्र में प्रायर और ब्रेस्नन के रूप में दो विकेट गंवाने के बाद जो रूट और ग्रीम स्वान ने भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया. जो रूट को 73 रन के निजी स्कोर पर पीयूष चावला ने अपनी ही हाथों लपक लिया.
रूट और स्वान के बीच 60 रन की साझेदारी हुई. स्वान 56 रन बनाकर चावला की ही गेंद पर पगबाधा आउट हुए. आउट होने वाले अंतिम बल्लेबाज एंडरसन रहे, जिन्हें चावला ने चार रन के निजी स्कोर पर चेतेश्वर पुजारा के हाथों लपकवाया.
गुरुवार को पहले दिन का खेल समाप्त होने पर इंग्लैंड ने पांच विकेट पर 199 रन बनाये थे. मैट प्रायर (34) और अपना पहला टेस्ट खेल रहे जो रूट ने हालांकि छठे विकेट की नाबाद साझेदारी में 29.3 ओवर में 60 रन जोड़ लिये हैं.
अहमदाबाद में पहला टेस्ट जीतने के बाद मुंबई और कोलकाता में हारने वाली भारतीय टीम चार मैचों की श्रृंखला में 1-2 से पीछे है. ड्रेसिंग रूम के विवादों और खराब प्रदर्शन के चलते आलोचना के घेरे में आये कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा कई सीनियर खिलाड़ियों को टीम में अपनी जगह बचाने के लिये यह मैच हर हालत में जीतना होगा.
भारतीय टीम ने एकमात्र तेज गेंदबाज के रूप में ईशांत शर्मा को टीम में शामिल किया. उन्होंने सुबह के सत्र में शानदार फार्म में चल रहे सलामी बल्लेबाज एलेस्टेयर कुक और निक काम्पटन को आउट करके इस फैसले को सही साबित किया.
टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले बायें हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा ने 25 ओवर में 34 रन देकर दो विकेट लिये जिसमें केविन पीटरसन (73) का बेशकीमती विकेट शामिल है. वहीं चावला ने भी एक विकेट चटकाया.
इससे पहले सुबह के सत्र में तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने सलामी बल्लेबाज एलेस्टेयर कुक और निक काम्पटन को आउट किया था. चाय के बाद केविन पीटरसन 73 रन बनाकर जडेजा का शिकार बने. ओझा ने पीटरसन का अच्छा कैच लपका. उन्होंने पीटरसन ने अपनी पारी में 10 चौके लगाये. इशांत शर्मा ने 19 ओवर में 32 रन देकर दो विकेट चटकाए.
प्रज्ञान ओझा ने 27 ओवर में 50 रन खर्च किए, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिल सकी. वहीं आर अश्विन ने 13 ओवर गेंदबाजी की और उन्हें कोई भी सफलता नहीं मिली. श्रृंखला में अब तक भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे प्रज्ञान ओझा और आर अश्विन को कोई विकेट नहीं मिल सका है.
पीटरसन और ट्राट ने इंग्लैंड को खराब स्थिति से निकाला. ईशांत ने पहले स्पैल में दो विकेट चटकाकर इंग्लैंड को अच्छी शुरूआत नहीं करने दी थी. ग्यारहवें ओवर में उतरे पीटरसन और ट्राट ने लंच तक कोई और विकेट नहीं गिरने दिया. दोनों ने 39.1 ओवर में 86 रन जोड़े. इस साझेदारी को जडेजा ने तोड़ा और ट्राट का आफस्टम्प उखाड़ दिया.
दूसरे छोर से पीटरसन ने अश्विन को चौका जड़कर 108 गेंद में 50 रन पूरे किये. पीटरसन को 61 के स्कोर पर जीवनदान मिला जब मिडविकेट पर चेतेश्वर पुजारा उनका कैच नहीं लपक सके.
ईशांत की जगह गेंद संभालने वाले चावला ने बेल को एक्स्ट्रा कवर में विराट कोहली के हाथों लपकवाया.
सुबह ईशांत ने फार्म में चल रहे इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक और निक काम्प्टन को सस्ते में आउट किया.
काम्प्टन तीन रन बनाकर आउट हुए और उस समय इंग्लैंड का स्कोर सिर्फ तीन रन था. इसके बाद कुक एक के स्कोर पर पगबाधा हो गए. इंग्लैंड के दोनों शीर्ष बल्लेबाज 11वें ओवर में 16 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन में थे.
कोलकाता में सिर्फ एक विकेट ले सके ईशांत ने अच्छी लाइन और लैंग्थ से गेंदबाजी की. इससे पहले कुक ने श्रृंखला में पहली बार टास जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया.
भारतीय टीम ने एकमात्र तेज गेंदबाज के रूप में ईशांत को टीम में शामिल किया है. तीसरे स्पिनर के तौर पर लेग स्पिनर पीयूष चावला को शामिल किया गया है.  पहले टेस्ट में बीमार रहे ईशांत को मुंबई में दूसरे टेस्ट की टीम में नहीं चुना गया था.
भारत तीसरी बार काम्पटन और कुक की सलामी जोड़ी को 30 रन के भीतर तोड़ने में कामयाब रहा. ट्राट ने आते ही प्रज्ञान ओझा को चौका लगाकर शानदार शुरूआत की थी. वह भाग्यशाली रहे कि ईशांत की गेंद पर अंपायर कुमार धर्मसेना ने उन्हें पगबाधा आउट नहीं दिया.
इशांत की जगह गेंद संभालने वाले चावला ने बेल को एक्स्ट्रा कवर में विराट कोहली के हाथों लपकवाया. 

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