योजना आयोग के अस्तित्व पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्रियों की बैठक

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नई दिल्ली। योजना आयोग के अस्तित्व को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मुख्यमंत्रियों की बैठक ले रहे है। नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक चल रही है। जिसमें नई सरकार के तहत बदलते आर्थिक हालात के बीच मौजूदा योजना आयोग की जगह नई संस्था के स्वरूप, उसका दायरा और भूमिका पर चर्चा होगी।
इस मुख्यमंत्रियों की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं शामिल होंगी। पश्चिम बंगाल की तरफ से वित्त मंत्री अमित मित्रा शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी योजना आयोग में किसी भी तरह के बदलाव के खिलाफ हैं।
लोकसभा में प्रश्नकाल में योजना आयोग को पुनर्परिभाषित और पुनर्गठित करने के संबंध में एक प्रश्न पर प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना आयोग के समयानुकूल परिवर्तन को लेकर विस्तार से परामर्श किया है। इस विषय में ऱचि रखने वाले, अनुभव रखने वाले और इसका ज्ञान रखने वाले लोगों के सुक्षाव लिये गये हैं।
गौरतलब है कि पीएम ने पहली बार सदन में प्रश्नकाल के दौरान किसी प्रश्न का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मैंने 7 दिसंबर को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है जिसमें इस विषय पर विस्तार से उनके साथ विचार-विमर्श होगा। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के विनसेंट एच पाला और तणमूल कांग्रेस के सौगत राय के योजना आयोग के संबंध में एक प्रश्न के जवाब में यह बात कही।
हालांकि पाला और राय साध्वी निरंजन ज्योति के विवादास्पद बयान पर अपनी पार्टियों द्वारा वाकआउट के चलते प्रधानमंत्री के जवाब के समय सदन में उपस्थित नहीं थे। उक्त प्रश्न के लिखित जवाब में योजना मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि चूंकि राज्य की भूमिका और अर्थव्यवस्था की स्थिति, दोनों में विगत कुछ दशकों से परिवर्तन आ रहे हैं, इसलिए सरकार अपने आयोजना तंत्र की निरंतर समीक्षा करने की जरूरत के प्रति सचेत है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न मंचों से सुक्षाव मांगे हैं और इस विषय पर व्यापक परामर्श भी कर रही है। नये संस्थान के संबंध में सुक्षाये गये नामों आदि सहित अनेक सुक्षाव प्राप्त हुए हैं जिन्हें वेब पोर्टल मायजीओवी डॉट एनआईसी डॉट इन पर देखा जा सकता है।
सिंह के मुताबिक सरकार ने योजना आयोग के कुछ पूर्व सदस्यों को शामिल करते हुए प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ 26 अगस्त, 2014 को भी विचार-विमर्श किया है। वर्तमान योजना आयोग को भारत सरकार के दिनांक 15 मार्च, 1950 के मंत्रिमंडल संकल्प के तहत गठित किया गया था। सिंह ने कहा कि  सरकार ने इस संकल्प की जगह नया संकल्प लाने का फैसला किया है। योजना आयोग के पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। मोदी सरकार के आने के बाद ही योजना आयोग को नया स्वरूप प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी थी।

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