टोकरी में मिली नवजात

28
जबलपुर/ दमोह। एक ओर सरकार बेटियों को बचाने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रही है। वहीं दूसरी ओर नवजात बçच्चयां आए दिन कचरे के ढेर में पाई जा रही हैं। एक बार फिर शहर से लगे इमलाई गांव में सुबह करीब 8.30 बजे आंगनबाड़ी केंद्र के पास कचरे में एक नवजात कन्या लावारिस हालत में टोकरी में रखी मिली। ग्रामीणों ने 108 एम्बुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां से उसे स्पेशल नियो नेटल केयर यूनिट में ऑक्सीजन पर रखा गया है। बच्चों ने सुनी आवाज आंगनबाड़ी केंद्र के पास खेल रहे बच्चों में से दस साल के एक बच्चे ने कचरे में पड़ी टोकरी से नवजात के रोने की आवाज सुनी। बच्चे ने गांव में पहुंचकर इसकी जानकारी दी तो तुरंत ही ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर टोकरी उठाई और बच्ची को अस्पताल भेजा। सुबह करीब 9.00 बजे नवजात को जिला अस्पताल की एसएनसीयू यानी स्पेशल नियो नेटल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया। प्रभारी सिस्टर मोना ने बताया कि शिशु का जन्म सुबह करीब छह से सात बजे के बीच हुआ है। बच्चे की कनारी लगी हुई थी। जिसे अस्पताल में ही काटा गया। नवजात का वजन 2 किलो 400 ग्राम है, उसका बेहतर इलाज किया जा रहा है। पूर्ण स्वस्थ होने में करीब 24 घंटे का समय लग सकता है, फिलहाल उसे ऑक्सीजन पर रखा गया है। ओस में भीगती रही मासूम मोना सिस्टर ने बताया कि टोकरी में पड़ी नवजात खुले आसमान के नीचे ओस में भीगती रही जिससे उसका शरीर बर्फ की तरह ठंडा हो गया था। नवजात बच्चों को ऎसे समय शीत से बचाया जाता है पर निर्दयी मां ने तो उसे मौत के हवाले कर दिया था। शिशु को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। गोद लेने पहुंचने लगे लोग बच्ची के टोकरी में पड़ी मिलने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और गुरूवार सुबह ही बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुधीर विद्यार्थी उसे देखने पहुंचे। उसे गोद लेने के लिए भी लोग आने लगे हैं। हालांकि फिलहाल उसके परिजनों को खोजा जा रहा है। इनका कहना है पुलिस ने टोकरी व उसमें रखे हुए अन्य कपड़ों को जब्त कर लिया है। नवजात की मां को जल्द ढूंढ लिया जाएगा। बच्ची की देखभाल अस्पताल में जारी है। मामले की जांच की जा रही है। – जीपी पाराशर, एएसपी दमोह

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here