सीओ की पत्नी ने ठुकराई यूपी सरकार की नौकरी

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कुंडा में मारे गए सीओ ज़िया उल हक की पत्नी परवीन आज़ाद ने सरकारी नौकरी के ऑफर को नामंज़ूर कर दिया है.
परवीन को शुक्रवार 8 मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पुलिस विभाग के विशेष कार्याधिकारी– ओएसडी (कल्याण) पद पर गोरखपुर में नौकरी दी थी.
नौकरी को ठुकराते हुए परवीन ने शनिवार 9 मार्च को देवरिया में कहा कि उन्हें अपने पति को मिले पद के अलावा कोई और ओहदा मंजूर नहीं है. मृतक सीओ ज़िया उल हक डिप्टी एसपी के पद पर तैनात थे.
परवीन ने सांत्वना प्रकट करने आये हरिशंकर तिवारी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक कांग्रेस के नेताओं और मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि वह पुलिस उपाधीक्षक के अलावा और कोई पद स्वीकार नहीं करेंगी.
अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वह यह लड़ाई अपने लिये नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिये लड़ रही हैं कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति खाकी वर्दी पर हाथ डालने की जुर्रत नहीं कर सके.
परवीन ने पिछले शनिवार को प्रतापगढ़ के कुंडा स्थित बलीपुर गांव में उनके पति स्थानीय पुलिस क्षेत्राधिकारी जिया-उल-हक को अकेला छोड़कर भागे पुलिसकर्मियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग भी की.
प्रदेश सरकार ने अपने वादे के मुताबिक परवीन के अलावा मृतक पुलिस उपाधीक्षक के भाई सोहराब को सिपाही की नौकरी भी प्रदान की थी.
सीबीआई ने तेज़ की जांच
उधर सीबीआई ने मृतक सीओ की हत्या मामले में जांच तेज़ कर दी है. सीओ के अलावा ग्राम प्रधान और उसके भाई की हत्या की तफ्तीश कर रही सीबीआई टीम ने कई पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की है.
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने तत्कालीन हथगवां थानाध्यक्ष मनोज शुक्ला, कुंडा के कोतवाल सर्वेश मिश्र, शहीद सीओ के गनर इमरान, तत्कालीन एसएसआई विनय सिंह और सदर क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी सुधीर जायसवाल से पूछताछ की है.

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