परदेस में दिखी स्वदेस की आस्था; टोकयो में निकली जगन्नाथ रथ यात्रा

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टोकयो । हाल ही में शनिवार को भारत के जगन्नाथ पूरी और अहमदाबाद जैसे शहरों में जगन्नाथ भगवान की वार्षिक और भव्य रथ यात्रा बड़े धूम धाम से निकाली गई थी जिसमें भगवान कृष्ण, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की रंग बिरंगी विशाल रथ को हजारों-लाखों श्रद्धालुओं ने शानदार तरीके से सैर करते हुए देखा और भक्ति का आनंद उठाया। वैसे सिर्फ भारत में ही इस भव्य आस्था के समुंदर में लोगों ने डुबकियाँ लगाई होंगी ऐसा बिलकुल भी नहीं है बल्कि सात समुंदर पार भी रह रहे हिंदुस्तानियों ने सनातन धर्म की जड़ों से खुद को अलग नहीं होने दिया और इसका सबूत था जापान जैसे दूर दराज देश में निकाले गए भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा की झाँकियाँ। वैसे तो इस दिन जगन्नाथ भगवान और उनके भैया और बहन को गुंदीचा मंदिर ले जाया जाता है जहां वे मौसी के घर कुछ दिन छुट्टियाँ मनाते हैं और फिर लौटकर जगन्नाथ धाम आते हैं परंतु जापान में तो इस यात्रा को दिल से निकाला गया और भक्तों के दिलों तक पहुंचाया गया। दरअसल, शनिवार को बड़े धूम धाम और हर्षोल्लास से जापान के टोक्यो स्थित फुनाबोरी पार्क में ओड़ीशा कम्यूनिटी (समुदाय) जापान द्वारा रथ यात्रा का आयोजन किया गया। मजेदार बात यह रही कि इस यात्रा में भारतीय समुदाय के सैंकड़ों लोगों के अलावा जापान के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। यह वाकई में दो देशों व दो संस्कृतियों के लोगों का मिलन वाला पर्व साबित हुआ। इस आयोजन में भारतीय उच्चायोग ने बड़ी भूमिका निभाई। ओड़ीशा के एक अखबार में छापे खबर के अनुसार इस यात्रा के दौरान 10 प्रकार के महा प्रसाद तैयार किए गए थे। भगवान जगन्नाथ के रथ को बड़ी सुंदरता से रंगबिरंगी पुष्पों से साया गया था और आधे घंटों तक पार्क में उनकी मनोहारी यात्रा निकाली गई। मुख्य पुजा में फुनाबोरी के इस्कॉन मंदिर ने अपनी भूमिका निभाई। इस यात्रा में कवासाकी शहर के डिप्टी मेयर मिउरा ने भी हिस्सा लिया और उनका साथ दिया भारतीय उच्चायोग में कार्यरत सचिव और वीसीसी की निदेशिका मूआनपुई सैयावी ने। इन सारे आयोजन के मुख्य कर्ताधर्ता ओडिया लोगों के संगठन ओड़ीशा कम्यूनिटी जापान टोक्यो (ओसीजेटी)। इस संगठन के वरिष्ठ सदस्यों तथागत साहू और देबेंद्र मोहंत समेत अन्य लोगों ने इस यात्रा की देख रेख की और भारतीय परंपरा को विदेश में बढ़ावा देने का कार्य किया तथा जापान के साथ भारत का जुड़ाव और भी पक्का किया।

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