देश को भ्रमित कर रहे हैं नरेन्द्र मोदी

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लखनऊ। प्रदेश में सत्तारुढ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन आज वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर हमला बोला। उनकी नीतियों की आलोचना की और उन पर देश को भ्रमित करने का आरोप लगाया। सपा के वरिष्ठ नेता और नगर विकास मंत्री मौहम्मद आजम खां ने एक कदम आगे बढाते हुए मीडिया को भी लपेटा और कहा कि मीडिया की आंखों पर मोदी का चश्मा चढ गया। पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह ने कहा कि श्री मोदी जनता को मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखा रहे हैं। सांसद और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव ने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री को मजदूरों, अल्पसंख्यकों और गरीबों का दुश्मन तक बता डाला। पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के पुत्र और बलिया से सांसद रहे नीरज शेखर ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले श्री मोदी ने कहा था कि विदेशों में 18 लोगों के कालाधन जमा हैं, लेकिन उनकी सरकार बन जाने के बावजूद अभी तक 18 लोगों का नाम उजागर नहीं किया गया। मैनपुरी के सांसद तेज प्रताप सिंह यादव ने मीडिया पर श्री मोदी को बढाने की तोहमत मढी और कहा कि मोदी सरकार की नीतियां सामान्य जनता के लिए बेहतर नहीं हैं। बदायूं से सांसद धर्मेन्द्र यादव ने कांठ की हांडी बार-बार नहीं चढती मुहावरे के सहारे श्री मोदी को आगाह किया। उनका कहना था कि एक बार जनता भ्रम में आ गई। अब देश दोबारा भ्रम में नहीं पडेगा। लोक निर्माण विभाग के मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने प्रधानमंत्री पर गलत बयानी का आरोप लगाया और कहा कि श्री मोदी अमरीका और जापान में जाकर व्यापार की बात करते हैं और यहां आकर झाडू लगाने लगते हैं। आजम खां ने श्री यादव की हां में हां मिलायी और कहा कि झाडू लगाने का अभियान चलाकर श्री मोदी सफाई का काम करने वाले दलितों की रोजी रोटी छीनने की साजिश कर रहे हैं। अधिवेशन के दूसरे दिन नसीहतें भी खूब दी गयीं। पूर्व सांसद रामजी लाल सुमन ने मुलायम सिंह यादव से ठीक से काम नहीं कर रहे मंत्रियों को हटाने की मांग कर दी। श्री सुमन ने कहा कि जब एक बात सामने आ गई है कि लोकसभा चुनाव में कुछ लोगों ने पार्टी के साथ गद्दारी की तो अब एेसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि गद्दारों के साथ जमीनी कार्यकर्ता नहीं बैठ सकते। फिरोजाबाद से सांसद अक्षय यादव ने अधिकारियों पर सख्ती करने की आवश्यकता बतायी और कहा कि नौकरशाही की वजह से सरकार की योजनायें गरीबों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। तयशुदा समय से अधिक बोलने वाले वक्ताओं को संचालक प्रो. राम गोपाल यादव टोक देते थे। कई वक्ताओं से उन्होंने चापलूसी नहीं करने की नसीहत दी और कहा नेताजी को खून देने की बात करने वाले कभी-कभी पार्टी का विरोध तक करते हैं।

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