बाल लिंग अनुपात में गिरावट चिंताजनक – श्री गुलाम नबी आजाद

38
स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने आज यहां अपने मंत्रालय से सम्‍बद्ध सलाहकार समिति की बैठक की अध्‍यक्षता की। उन्‍होंने कहा कि देश में लैंगिक असंतुलन बढ़ता जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि 1981 और 1991 के बीच बाल लिंग अनुपात 17 प्‍वाइंट गिरकर 962 से 945 हो गया। वर्ष 1991 और 2001 के बीच उसमें फिर से 18 प्‍वाइंट की गिरावट आई। 2011 की जनगणना के अनुसार इस अनुपात में 13 प्‍वाइंट की गिरावट आई है। इसके कारण छह वर्ष तक के बच्‍चों की आयु वर्ग में एक हजार लड़कों पर लड़कियों का अनुपात 914 है। 
श्री आजाद ने कहा कि इस लैंगिक असंतुलन के कारण कई तरह के खतरे पैदा हो सकते हैं, जिसके कारण हमारी नैतिक और सामाजिक संरचना को ठेस पहुंच सकती है। इसके कारण महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अपराध की घटनाएं बढ़ सकती हैं। 
मंत्री महोदय ने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीसीएंड पीएनडीटी) को लागू कर दिया है, ताकि प्रसव पूर्व बच्‍चे का लिंग पता लगाने की मेडिकल तकनीकों के गलत इस्‍तेमाल को रोका जा सके। 
बैठक में श्री एस. गांधीसेलवन, श्री शैलेंद्र कुमार (लोस), श्री दत्‍ता आर. मेघे (लोस), डॉ0 गिरिजा व्‍यास (लोस), डॉ0 आर.सी. डोम (लोस), श्रीमती डेविडसन जे. हेलन (लोस), डॉ0 काकोली घोष दस्‍तीदार (लोस), श्री मोहम्‍मद हमदुल्‍ला ए.बी. सईद (लोस), डॉ0 एम. जग्‍गन्‍नाथ (लोस), श्री इंदर सिंह नामधारी (लोस), श्री ज़फर अली नकवी (लोस), श्री मोती लाल वोरा (रास), श्री के.वी.पी. रामचंद्र राव (रास) और श्री बैष्‍णब परीदा (रास) उपस्थित थे। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here