तिहाड़ जेल में अफजल को दी गई फांसी, जेल में ही दफनाया गया

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नई दिल्ली। संसद हमले के मुख्य दोषी अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में उसकी बैरक से कुछ मीटर की दूरी पर फांसी दी गई। यहां वह 2001 से बंद था। यह जानकारी जेल महा निदेशक विमला मेहरा ने दी। विमला मेहरा ने कहा कि अफजल को उसे शनिवार सुबह आठ बजे फांसी दे दी गई। उसे अतिसुरक्षित बैरक नंबर तीन में रखा गया था और उसे बैरक के बाहर लगभग 20 मीटर की दूरी पर फांसी दी गई। 2001 में संसद पर हुए हमले में अफजल की भूमिका साबित हो जाने पर उसे फांसी दी गई। फांसी देने के करीब एक घंटे बाद सुबह 9 बजे अफजल को जेल परिसर में ही दफना दिया गया।
उधर, केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह ने कहा है कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने से पहले उसके परिवार को सूचित किया गया था। जब उनसे पूछा गया किया कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी अफजल की फांसी के मामले में अंधेरे में रखा गया, इस पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को विश्वास में लिया गया था।

उन्होंने कहा कि अफजल के परिवार को पहले ही सूचित कर दिया गया था। मैंने जेल अधिकारियों से इस बात की पुष्टि की थी और उन्होंने मुझे बताया कि इस बाबत स्पीड पोस्ट के जरिए दो पत्र भेजे गए हैं। कश्मीर के डीजीपी से भी पुष्टि करने के लिए कहा गया था। यह कहा जाना सही नहीं है कि उसके परिवार को सूचित नहीं किया गया।

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