शातिर की करतूत, ‘पीएमओ ऑफिस’ से कॉल कर मचाया हड़कंप

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‘पीएमओ ऑफिस’ से आई एक कॉल ने एडवाइजर आफिस में कई घंटे तक मचा दी अफरातफरी और जब शातिर की करतूत का भेद खुला तो सभी चौंक गए। दरअसल एडवाइजर आफिस में वीरवार को एक कॉल आई। कॉलर ने कहा कि मैं पीएमओ ऑफिस से बोल रहा हूं, चंडीगढ़ में एक मेरा दोस्त रहता है। उसके नाम पर सरकारी मकान अलॉट करवाना है। जल्द मकान अलॉट करवाकर मुझे रिपोर्ट करो। एक ही दिन में सुबह, दोपहर और शाम को जब उक्त व्यक्ति की तीन कॉल आ गईं तो मामला संदिग्ध लगने पर एडवाइजर के पीए सुरजीत सिंह ने सेक्टर-3 थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद साइबर सेल विभाग ने कॉलर का नंबर ट्रेस कर उसे शनिवार को चंडीगढ़ में गिरफ्तार कर लिया। साइबर सेल ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी अभी तक किस-किस अधिकारी को कॉल कर चुका है, इस पर पुलिस उसकी कॉल डिटेल खंगाल रही है। साइबर सेल के अनुसार आरोपी की पहचान सिविल लाइन इलाहाबाद, यूपी निवासी राज केशरवानी(24) के रूप में हुई है और वह परिवार के साथ रायपुर खुर्द में किराये के मकान पर रह रहा है। आरोपी ने बताया कि उसने मकान के लालच में मोदी के नाम पर काम करवाने की कोशिश की। यह कहा फोन पर: 17 सितंबर को एडवाइजर आफिस में पहले कॉल कर राज केशरवानी ने कहा कि मैं पीएमओ ऑफिस से बोल रहा हूं, चंडीगढ़ में मेरा दोस्त रहता है। उसके नाम पर एक सरकारी मकान अलॉट करवाना है। इस पर पीए सुरजीत सिंह ने जवाब दिया कि सर एडवाइजर सर अभी यहां नहीं हैं। जैसे ही आते हैं, आपका मैसेज दे दिया जाएगा। कुछ ही घंटों बाद आरोपी ने फिर कॉल की। आरोपी ने कहा कि उसकी बात दिल्ली में हो चुकी है। एडवाइजर से बोलिए कि मकान अलॉट करवा दें। इसके बाद शाम के वक्त आरोपी ने तीसरी कॉल कर दी। उसने पीए सुरजीत सिंह से पूछा कि मकान अलॉट मामले का क्या स्टेटस है। काम हो गया या अटका हुआ है। ऐसे हुआ शक: आरोपी के बार-बार काल करने व बातचीत के लहजे से एडवाइजर के पीए को शक हो गया और उन्होंने इसकी सूचना एडवाइजर विजय देव को दी। उसके बाद पीए की शिकायत पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज करके साइबर सेल को जांच सौंप दी। हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के चेयरमैन को भी की थी कॉल: साइबर सेल इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह शेखू ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने 17 सितंबर को हरियाणा के स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के चेयरमैन को नौकरी दिलवाने के नाम पर कॉल की थी। उसने कॉल करके बताया कि वह पीएमओ ऑफिस से बोल रहा है। एक व्यक्ति को पीयून रखना है। उसके बारे में आपको डिटेल मिल जाएगी। काम पूरा करवाकर आप मुझे रिपोर्ट करना। गांव में भी दिखाता था धौंस: गांव रायपुर खुर्द के पूर्व सरपंच और जिला परिषद के सदस्य जरनैल सिंह से भी आरोपी धोखा कर चुका है। जरनैल सिंह का कहना है कि राज केसरवानी ने उनकी दुकान किराए पर ली। उसे किराया भी नहीं दिया। बहुत मुश्किल से उसने किराये का चेक दिया, वह भी बाउंस हो गया। बड़ी मुश्किल से उससे दुकान खाली करवाई। गांव में वह कहता कि उसकी पीएम नरेंद्र मोदी से नजदीकी है। डोकोमो की सिम बेचता था: राज केशरवानी ने बताया कि वह सिविल लाइन इलाहाबाद, यूपी का निवासी है। चार साल पहले उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद से वह पत्नी के साथ चंडीगढ़ रहने आ गया। वह रायपुर खुर्द में किराये पर रहता है। उसकी पत्नी भी बच्चों को पढ़ाने की काम करती है। जबकि वह टाटा डोकोमो का सिम कार्ड बेचता है। ऐसे आया आइडिया: केशरवानी ने बताया कि मैं चाहता था कि मेरा चंडीगढ़ में अपना मकान हो। इस दौरान पीएम मोदी का दौरा हुआ। मोदी दौरे पर मुझे पीएमओ ऑफिस की ताकत का एहसास हुआ। इस दौरान मोदी दौरे पर स्कूल और श्मशान बंद करने का जो मामला हुआ, उसमें चंडीगढ़ प्रशासन पर दबाव बन गया। मुझे लगा कि यही मौका है कि एडवाइजर ऑफिस में कॉल करके अपना कुछ काम निकलवा लिया जाए। इसके बाद मैंने एडवाइजर आफिस का नंबर निकाला और कॉल कर दी।

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