उमा माफी मांग लें, माफ कर दूंगा: दिग्विजय

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भोपाल । 11 साल पुराने मानहानि के केस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को भोपाल की जिला अदालत में पेश हुए। अदालत में सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री उमा भारती मेरी बहन हैं। यदि वे अदालत में माफी मांग लेती हैं तो मैं माफ कर दूंगा।
उधर, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पंकज सिंह माहेश्वरी ने समझाइश दी कि आप लोग कानून बनाते हैं। बहन-भाई के रिश्ते भी हैं तो फिर इतने पुराने मामले में समझौता क्यों नहीं कर लेते। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों को इस दिशा में विचार करने के लिए मशविरा भी दिया। दोनों पक्षों के वकीलों ने सहमति भी जताई। अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।
सिंह के खिलाफ 2003 में चुनाव प्रचार के दौरान उमा भारती ने 15 हजार करोड़ रपए के घोटाले के आरोप लगाए थे। इस पर सिंह ने अदालत में परिवाद दायर किया था। 2012 में उमा कोर्ट में पेश हो चुकी हैं। शनिवार को सिंह कोर्ट में पेश हुए और अपना पक्ष रखा।
सिंह के वकील अजय गुप्ता ने बताया कि भ्रष्टाचार के आरोप सरासर गलत थे। 11 साल से भाजपा का शासन है पर एक भी आरोप के प्रमाण नहीं जुटा पाए। इससे जाहिर होता है कि आरोप बेबुनियाद थे। चर्चा के दौरान अदालत ने भी कहा कि दोनों पक्ष समझौता कर लेते हैं तो समाज में अच्छा संदेश जाएगा। आने वाले दिनों में लोक अदालत भी होने वाली है।
दिग्विजय के आरोप व्यापमं के आरोपियों को बचाने वाले
उधर, अभा विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा न्यायाधीश संजय सिंह की कोर्ट में बयान दर्ज कराने पहुंचे। शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस किया है।
उन्होंने बताया कि सिंह ने आरोप लगाने के लिए विधानसभा परिसर का अनुचित उपयोग किया। मुझे  संघ और व्यापमं के घोटालेबाजों के बीच का बिचौलिया बताया। इससे मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि हुई। शर्मा ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। वहीं, जबलपुर के भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी अभिषेक पांडे ने शर्मा के पक्ष में बयान दिए।

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