बारहवीं योजना के दौरान टी.यू.एफ.एस. जारी रखने के लि‍ए परि‍व्‍यय

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बारहवीं योजना के दौरान टी.यू.एफ.एस. जारी रखने के लि‍ए परि‍व्‍यय 
वस्‍त्र राज्‍य मंत्री श्रीमती प‍नबाका लक्ष्‍मी ने आज राज्‍य सभा में एक प्रश्‍न के लि‍खि‍त उत्‍तर में बताया कि‍ वस्‍त्र मंत्रालय द्वारा 12वीं पंचवर्षीय योजना के लि‍ए वस्‍त्र एवं पटसन उद्योग के लि‍ए गठि‍त कार्य समूह ने 15886 करोड़ रूपये के आवंटन से टीयूएफएस को 12वीं योजना के लि‍ए जारी रखने की सि‍फारि‍श की है। सीआरआईएसआईएल मूल्‍यांकन अध्‍ययन जि‍समें वि‍वि‍न्‍ग एवं प्रोसेसि‍न्‍ग क्षेत्र के लि‍ए अधि‍क टीयूएफएस आबंटन का सुझाव दि‍या गया है, के नि‍ष्‍कर्षों के अनुरूप इस योजना के दि‍शानि‍र्देश, 12वीं योजना के अनुमोदन के बाद जारी कि‍ए जाएंगे। 
मूगा रेशम का उत्‍पादन बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम
देश में उत्‍पादित मूगा रेशम की संपूर्ण मात्रा की खपत भारतीय बाजारों में ही घरेलू रूप से की जाती है। भारत सरकार मूगा रेशम के उत्‍पादन में सुधार के लिए केन्‍द्रीय रेशम बोर्ड के माध्‍यम से अनुसंधान एवं विकास, प्रचार-प्रसार एवं बीज सहायता प्रदान कर रही है। मूगा रेशम उद्योग के समग्र विकास हेतु आवश्‍यक अनुसंधान एवं विकास सहायता प्रदान करने के लिए लाहदोईगढ़ में केन्‍द्रीय मूगा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्‍थान (सीएमईआरएंडडीआई) कार्यरत है। यह संस्‍थान मूगा रेशम कीट बीज संगठन (एमएसएसओ) में आगे गुणन के लिए पी4 स्‍तर पर उच्‍च गुणवत्‍ता वाले मूलभूत डीएफएल का रखरखाव कर रहा है। बोको, असम में भी एक क्षेत्रीय मूगा अनुसंधान केन्‍द्र कार्यरत है। हाल ही में केन्‍द्रीय रेशम बोर्ड ने मूगा रेशम उद्योग के कोया पश्‍चात अनुसंधान एवं विकास सहायता देने के लिए गुवाहाटी में एक क्षेत्रीय रेशम प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्‍थान की स्‍थापना की है।
गुणवत्‍ता पूर्ण मूगा धागे का उत्‍पादन करने के लिए उन्‍नत रीलिंग-सह-ट्विस्टिंग मशीनों और स्‍पिनिंग व्‍हील्‍स को लोकप्रिय बनाया जा रहा है। केन्‍द्रीय रेशम बोर्ड ने असम में प्राइमरी मूगा उत्‍पादकों को उचित एवं आर्थिक मूल्‍य सुनिश्चित करके विपणन में सहायता प्रदान करने के लिए शिवसागर में एक मूगा कच्‍चा माल बैंक (एमआरएमबी) की स्‍थापना की है। मुख्‍य इकाई की सहायता के लिए असम के सुआलकुच्‍ची और डाक्‍वाखाना में एमआरएमबी की दो उप-ईकाइयां पहले से ही कार्यरत हैं। मूगा रेशम क्षेत्र को विशिष्‍ट अनुसंधान एवं विकास सहायता के अलावा देश में मूगा रेशम के उत्‍पादन को बढ़ाने के लिए भारत सरकार सीएसबी के माध्‍यम से क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के अंतरण, परपोषी पादप विकास एवं विस्‍तार, बीज उत्‍पादन के लिए सहायता, रियरिंग, रीलिंग एवं कोया पश्‍चात अवसंरचना के सृजन तथा उन्‍नयन, रीलिंग एवं प्रोसेसिंग प्रौद्योगिकियों के उन्‍नयन आदि के लिए केन्‍द्र द्वारा प्रायोजित ‘उत्‍प्रेरक विकास कार्यक्रम’ (सीडीपी) नामक अग्रणी योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान कर रही है।
      यह जानकारी कपड़ा राज्‍य मंत्री श्रीमती पनबाका लक्ष्‍मी ने आज राज्‍य सभा में एक लिखित प्रश्‍न के उत्‍तर में दी। उन्‍होंने विगत तीन वर्षों में देश में मूगा रेशम धागे के उत्‍पादन का राज्‍यवार ब्‍यौरा दिया, जो निम्‍नलिखित है:
     (मात्रा मिलियन टन में)
मूगा उत्‍पादक राज्‍य
2009-10
2010-11
2011-12
पश्चिम बंगाल
0.20
0.25
0.23
असम
93.00
117.00
118.76
अरूणाचल प्रदेश
0.50
1.20
1.60
मणिपुर
0.50
0.50
0.50
मिज़ोरम
0.30
0.40
1.17
मेघालय
10.00
3.25
3.31
नागालैण्‍ड
0.50
1.40
0.66
कुल
    105.00
124.00
    126.23
विगत तीन वर्षों (2009-10 से 2011-12) के दौरान देश में डीएफएल मूगा (डिजीज फ्री लेइंग्‍स) के कुल उत्‍पादन का विवरण निम्‍नवत है:-
वर्ष                        उत्‍पादन (लाख संख्‍या में)
2009-10                                99.52
2010-11                               116.06
2011-12                                156.00  

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