राहुल गांधी के काम काज के तरीके से कांग्रेसी परेशान!

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 हाल ही कांग्रेस का उपाध्यक्ष बने राहुल गांधी के काम काज के तरीके ने पार्टी के कुछ नेताओं परेशानी बढ़ा दी है.

दरअसल इन दिनों राज्यों के कांग्रेस प्रमुख, पार्टी द्वारा अपने क्षेत्र आयोजित सभी कार्यक्रमों और जनसभाओं की सूची बनाने में जुटे हैं और जिन प्रमुखों ने अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम नहीं किया है वो अपने भविष्य के लिए डरे हुए है.
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रमुखों के कामकाज का आकलन कॉर्पोरेट शैली में करने का निर्णय लिया है.
राहुल ने इस संबंध में चार पन्नों की एक प्रश्नावली बंटवाई है, जिसमें कई तरह के सवाल पूछे गए हैं. जैसे कि आपने राज्य में किन-किन क्षेत्रों की यात्रा की? क्षेत्र में कितनी जनसभाओं का आयोजन किया गया? क्षेत्र के जनता से जुड़े हुए कुछ स्थानीय मुद्दे क्या हैं?
पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल के पहले राहुल के इन सवालों से कई कांग्रेस नेता परेशान हैं. क्योंकि उनका भविष्य उनके जवाब पर निर्भर करेगा.
राहुल के सवालों के जवाब पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के अलावा, पार्टी के विधायक दल के नेता, राज्य के प्रभारी महासचिव और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिवों का हस्ताक्षर करवाना अनिवार्य होगा. ऐसे में नेताओं के लिए फर्जी रिपोर्ट बना पाना नामुमकिन हो जाएगा.
एक वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया है कि कुछ राज्यों में नियमित रूप से बैठकों का आयोजन नहीं हुआ है. ऐसे में इन राज्यों के प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बढ़ा चढ़ाकर जवाब देने के लिए कह सकते है ताकि राहुल की इस परीक्षा में किसी तरह से पास किया जाए.

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