बाढ़ पीड़ितों से मिलकर रो पड़ीं सोनिया गांधी

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कश्मीर
घाटी में आयी भीषण बाढ़ में अपना घर और सारी जमा पूंजी खो देने वाली 35 वर्षीय शहनाजा सोमवार
को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर रो पड़ी। कांग्रेस अध्यक्ष यहां के एक पुनर्वास
केंद्र के दौरे पर आयी थीं।
सोनिया
के साथ उनके बेटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम
नबी आजाद समेत कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता भी आए थे। इन नेताओं ने अनंतनाग से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित
देहरूना गांव के एक शिविर में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
शहनाजा
और उसका परिवार शिविर के एक तंबू में रह रहा है। जब सोनिया उसके टेंट में आयी तो उन्हें
देखकर शहनाजा अपने आंसुओं पर काबू नहीं पा सकी।
अपना
दुख बयां करते हुए उसने सोनिया को बताया कि बाढ़ की वजह से उसकी जिंदगी तबाह हो गयी
है क्योंकि घर समेत इतने सालों में उसके परिवार ने जो कुछ भी जमा पूंजी बनायी थी, बाढ़ वह सब लील गया।
उसने
जब अपनी तीन छोटी-छोटी बेटियों की दुर्दशा बतायी तो सोनिया ने उसे गले लगाया और उसके
बच्चों से हाथ मिलाए।
शहनाजा
ने अपने आंसू पोंछते हुए बाद में कहा, ‘मैं
कभी उम्मीद नहीं की थी कि सोनिया गांधी हमसे मिलने आएंगी। हमारी जिंदगी तबाह हो गयी
है और उनमें (सोनिया) हमें एक मददगार मिला।’ शहनाजा
के पति मुश्ताक अहमद रैना मजदूरी का काम करते हैं। रैना ने कहा कि उसने अपनी पूरी जिंदगी
की कमाई से एक मंजिल का घर बनाया था लेकिन अब कुछ भी नहीं बचा है।
उसने
कहा कि उन्होंने सोनिया और राहुल से नया घर बनाने में मदद करने को कहा क्योंकि सर्दियां
आ रही हैं।

रैना
ने कहा, ‘हम इन तंबुओं में नहीं रह सकते क्योंकि दिन
बीतने के साथ ही मौसम ठंडा हो जाता है। सर्दियां आ रही हैं और हमें पता नहीं कि हम
क्या करें।’ कांग्रेस नेताओं ने साथ ही बाढ़ पीड़ितों
में राहत सामग्रियां बांटीं। इन सामग्रियों में राशन किट, पारंपरिक कश्मीरी लबादे ‘फिरन’ समेत
पुरुषों और महिलाओं के लिए दूसरे कपड़े एवं दैनिक इस्तेमाल की अन्य वस्तुएं शामिल थीं।

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