किसानों को अल्‍पावधि फसल ऋण हेतु आर्थिक सहायता

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किसानों को अल्‍पावधि फसल ऋण हेतु सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सहकारी बैंकों, क्षे.ग्रा.बैंकों, नाबार्ड को ब्याज के‍ लिए आर्थिक सहायता
केन्‍द्रीय मंत्रि‍मंडल ने आज अपनी निम्‍नलिखित मंजूरी प्रदान की: 
(1) वर्ष 2012-13 के दौरान किसानों को 3 लाख रुपये तक का अल्‍पावधि फसल ऋण 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष मुहैया कराने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) सहकारी बैंकों तथा नाबार्ड को ब्याज के‍ लिए आर्थिक सहायता जारी रखना।
(2) वर्ष 2012-13 के दौरान लिए गये अपने अल्‍पावधि फसल ऋणों को समय पर अर्थात् संवितरण के एक वर्ष के भीतर चुकाने पर ऐसे किसानों को 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष की अतिरिक्‍त ब्‍याज सहायता दिया जाना।
(3) 2012-13 के लिए ब्‍याज सहायता के रूप में 10,901 करोड़ रुपये को जारी करने की अनुमति। इसमें से सहकारी बैंकों तथा क्षे.ग्रा. बैंकों को पु‍नर्वित्‍त प्रदान करने के लिए नाबार्ड को 3267 करोड़ रुपये की सहायता तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं सहकारी बैंकों को उनकी अपनी निधियों पर सहायता के लिए 7634 करोड़ रुपये।
(4) 6 माह की अवधि के लिए अर्थात् उक्‍त पैरा (1) में दिये गये अनुसार फसल ऋणों के लिए लागू दर 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से फसल कटाई के बाद लिखत वेयरहाउस रसीदों के तहत किसान क्रेडिट कार्ड धारक लघु और सीमांत किसानों को ब्‍याज सहायता मुहैया कराना।
(5) फसल कटाई के बाद के लिए, लिखि‍त वेयरहाउस रसीदों के तहत किसान क्रेडिट कार्ड धारक लघु और सीमांत किसानों को ब्‍याज सहायता के रूप में 442 करोड़ रुपये जारी करने की अनुमति।
भारत सरकार 2006-07 से किसानों को अल्‍पावधि फसल ऋणों पर आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है जिससे की किसानों को 3 लाख रुपये तक का अल्‍पावधि फसल ऋण 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से मुहैया कराना सुनिश्चित किया जा सके। यह ब्‍याज सहायता योजना सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा सहकारी बैंकों के लिए 2012-13 के‍ लिए फिर जारी की गई है। वर्ष 2009-10 में समय पर ऋण की चुकौती करने वाले किसानों को 1 प्रतिशत की अतिरिक्‍त आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई थी। इसे 2010-11 में बढ़ा कर 2 प्रतिशत तथा 2011-12 एवं 2012-13 में बढ़ा कर 3 प्रतिशत किया गया। इस प्रकार, 2012-13 के‍ लिए ऐसी योजना के लिए प्रभावी दर 10,901 करोड़ रुपये है।
पिछले वर्षों में कृषि ऋणों के लिए निर्धारित लक्ष्‍य को बैंक लगातार पूरा कर रहे हैं। वर्ष 2011-12 के 4,75,000 करोड़ रुपये के मुकाबले वर्ष 2012-13 में कृषि ऋण प्रदान करने का लक्ष्‍य बढ़ा कर 5,75,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 

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