देश में लगे 'पाकिस्‍तान मुर्दाबाद' के नारे

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नई दिल्‍ली. भारत ने एलओसी पार कर अपने सैनिकों पर हमले और दो जवानों के सिर काट लेने की वारदात पर पाकिस्‍तानी उच्‍चायुक्‍त से कड़ा विरोध जताया है। विदेश सचिव रंजन मथाई ने बुधवार को भारत में पाकिस्‍तानी उच्‍चायुक्‍त सलमान बशीर को अपने दफ्तर में तलब किया और विरोध की लिखित चिट्ठी दी है। सूत्रों के मुताबिक 30 मिनट की बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्‍तान से इस ‘बर्बर हमले की जांच करने को कहा है। सेना के सूत्रों के मुताबिक तीसरे जवान का क्षत-विक्षत शव भी बरामद किया गया है और उसका सिर धड़ से गायब है। आशंका है कि पाकिस्‍तानी सैनिक कटा हुआ सिर लेकर चले गए हैं। सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना पर इस हमले के पीछे पाकिस्‍तानी सेना के बलूच बटालियन का हाथ है।
जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद और हिज्‍बुल मुजाहिदीन के सुप्रीम कमांडर सैयद सलाहुद्दीन ने कहा है कि कश्‍मीर में जिहाद अगले साल फिर से शुरू होगा। ‘तहलका’ मैगजीन ने बुधवार को खबर दी कि पिछले महीने पाकिस्‍तान दौरे पर गए कश्‍मीरी अलगाववादियों के प्रतिनिधिमंडल ने सईद और सलाहुद्दीन से मुलाकात भी की थी। इन दोनों को भारत ‘आतंकवाद का मास्‍टरमाइंड’ कहता रहा है। लेकिन इन दोनों ने कश्‍मीरी प्रतिनिधिमंडल से कहा कि कश्‍मीर घाटी में 2014 में अमेरिका की अगुवाई वाली सेना के अफगानिस्‍तान से हटनके बाद जिहाद फिर से शुरू होगा। कश्‍मीरी अलगाववादियों की इन आतंकवादी सरगनाओं से मुलाकात को गोपनीय रखा गया था। इन दोनों के साथ मुलाकातें की भी अलग-अलग हुईं। एक से लाहौर और दूसरे से इस्‍लामाबाद में मुलाकात हुई।

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