आम आदमी पर पड़ सकती है रेल किराये की मार

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नई दिल्ली: आम आदमी पर एक बार फिर रेल किरायों की मार पड़ सकती है। हाल ही में 21 जनवरी को रेल किराये बढ़े हैं और अब रेलमंत्री संकेत दे रहे हैं कि आने वाले रेल बजट में किराये फिर बढ़ाए जा सकते हैं।
छत्तीसगढ़ और गुजरात में नए रेल प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट की मंज़ूरी का ऐलान करने के लिए रेलमंत्री पवन बंसल मीडिया के सामने गुरुवार को पेश हुए थे, लेकिन पत्रकारों ने रेल बजट पर सवालों की झड़ी लगा दी। मंत्री जी से जब पूछा गया कि क्या इस बार रेल बजट में किराया फिर बढ़ने वाला है, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नई ट्रेनों और नई लाइनों के लिए पैसा चाहिए।
बंसल का कहना है कि हमें पैसा चाहिए, एक तरीका है कि यात्री किराया बढ़ाया जाए, लेकिन हम अभी नॉन ट्रैफिक रेवेन्यू जेनरेट करने का रास्ता तलाश रहे हैं।
रेलमंत्री ने कहा कि हाल की किराया बढ़ोतरी से 6600 करोड़ तक की कमाई की उम्मीद थी, लेकिन थोक ग्राहकों के लिए डीज़ल महंगा होने से रेलवे का खर्च 3300 करोड़ बढ़ गया।
एक आकलन के मुताबिक रेलवे को साल में 250 करोड़ लिटर डीज़ल का ज़रूरत पड़ती है, ऐसे में डीज़ल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी से भी रेलवे पर भारी बोझ पड़ता है।

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