तालिबान के हमले का शिकार बनी मलाला को अस्पताल से छुट्टी

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लंदन। पाकिस्तान के कबाइली क्षेत्रों में युवती और महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के एवज में तालिबान के हमले का शिकार बनी स्कूली छात्रा मलाला युसूफजई को कई जटिल सर्जरी के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 15 साल की मलाला को पिछले साल नौ अक्टूबर को तालिबानियों के हमले में घायल होने के बाद विशेष उपचार के लिये बर्मिंघम स्थित क्वीन क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल लाया गया था।
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक रविवार को ऑपरेशन के दौरान उसके कपाल की प्लास्टिक सर्जरी की गई थी। तालिबान के हमले मे सुनने की क्षमता गंवा चुकी मलाला को कोक्हेलियर इंप्लांट ऑपरेशन से भी गुजरना पड़ा जिसके जरिए उनके कपाल में फिट किए गए इलेक्टि्रानिक यंत्र की मदद से वह दोबारा सुन पाने में सक्षम होगी।
डॉक्टरो के दल ने मलाला के स्वास्थ्य की जांच से संतुष्ट होने के बाद उसे डिस्चार्ज करने का निर्णय लिया और गुरूवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इससे पहले मलाला ने कहा था कि वह बेहतर फील कर रही है और समीप ही अपने परिवार के अस्थाई घर में जाना चाहती है।
नौ अक्टूबर 2012 को तालिबान के एक हमलावर ने मलाला और उसकी दो सहेलियो को स्कूल से घर लौटते समय गोली मार दी थी। तालिबान ने स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देने के उसके प्रयासों को काफिराना करार दिया था और उसके जिंदा बच निकलने पर उसे दोबारा निशाना बनाने की धमकी भी दी है।

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