महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू

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मुंबई: महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राज्य में कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच 15 साल पुराने गठबंधन के टूटने के बाद एनसीपी ने पृथ्वीराज चव्हाण की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। शुक्रवार रात चव्हाण ने इस्तीफा दे दिया था। शनिवार को केंद्रीय कैबिनेट ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बैठक की, जिसके बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई थी। राष्ट्रपति ने राज्य में केंद्रीय शासन लागू करने को मंजूरी दे दी।
पृथ्वीराज चव्हाण के इस्तीफे के बाद अब गेंद राज्यपाल के पाले में है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश में अब राष्ट्रपति शासन लगना लगभग तय माना जा रहा है. बीजेपी पहले से ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर चुकी है. हालांकि, राज्यपाल ने अबी इस मसले पर कानून के जानकारों से राय मांगी है.
हालांकि, राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करते हैं या अगली सरकार के गठन तक चव्हाण को सीएम बने रहने का आदेश देते हैं. यह पूरी तरह से राज्यपाल के विवेकाधिकार पर निर्भर है.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कल सीट बंटवारे को लेकर 15 साल पुरानी कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन टूट गया था. साथ में बीजेपी-शिवसेना का भी 25 साल पुराना गठबंधन कल ही टूटा था.
उधर, महाराष्ट्र में पल-पल बदलते घटनाक्रम के बीच एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने सभी उम्मीदवारों को नामंकन दाखिल करने से फिलहाल मना कर दिया है जबकि कल नामांकन की आखिरी तारीख है. राज ठाकरे के इस फैसले को चचेरे भाई शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से हुई उनकी बातचीत से जोड़कर देखा जा रहा है. कयास लगाये जा रहे हैं कि शिवसेना-एमएनएस महाराष्ट्र में साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है.

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