राजा भैया के खिलाफ सीबीआई को नहीं मिला एक भी गवाह

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प्रतापगढ़ (उत्‍तर प्रदेश). कुंडा में डीएसपी जिया-उल-हक की हत्या की जांच कर रही सीबीआई को अब तक इस मामले में एक भी गवाह नहीं मिला है। एजेंसी ने फोन नंबर और ईमेल का पता भी जारी कर लोगों से गवाही देने की की अपील की है। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखने और उसकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है। सीबीआई ने इलाहाबाद-लखनऊ हाईवे पर स्थित कुंडा पंचायत भवन में ऑफिस खोला है। एजेंसी के प्रवक्ता ने बलिपुर के लोगों से वापस घर लौटने की अपील भी की है। बलिपुर में ही दो मार्च को डीएसपी जिया उल-हक और दो अन्य लोगों की हत्या की गई थी। इस मामले में निलंबित पुलिस अधिकारियों से सीबीआई टीम पूछताछ कर चुकी है। वह उनके बयानों का मिलान कर रही है। डीएसपी की पत्नी परवीन आजाद ने आरोप लगाया था कि राजा भैया के इशारे पर उनके पति की हत्या की गई है। इसके बाद सीबीआई ने इस केस में चार मामले दर्ज किए। इसमें से एक में राजा भैया को भी आरोपी बनाया गया है। केस में नाम आने के बाद राजा भैया को राज्य में मंत्री पद छोडऩा पड़ा था।
सीबीआई ने गांव के लोगों से मांगी मदद, दिया हेल्‍पलाइन नंबर
डीएसपी जिया उल हक की मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई ने गांव के लोगों से इस केस में गवाह बनने की अपील की है। कुंडा में कैंप कर रही सीबीआई की 10 सदस्‍यीय टीम ने प्रेस रिलीज जारी कर गांव वालों को भरोसा दिया है कि यदि वो गवाही देंगे तो उन्‍हें कोई तंग नहीं करेगा। सीबीआई के अधिकारियों ने हेल्‍पलाइन नंबर भी जारी किया है।
सीबीआई की टीम हथिगवां और कुंडा की पुलिस से कई बार पूछताछ कर चुकी है। अब एक-दो दिन में पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से भी पूछताछ हो सकती है। राजा भैया की लखनऊ में मौजूदगी के मोबाइल काल डिटेल और वीडियो फुटेज समेत साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
बीते दो मार्च को कुंडा के बलीपुर गांव के प्रधान नन्हें यादव की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह चौराहे पर किसी काम से आए थे। बाद में पुलिस और ग्रामीणों में हुई हिंसक झड़प में प्रधान का छोटा भाई सुरेश और सीओ कुंडा जिया उल हक की भी हत्या हुई थी। प्रधान और सीओ को गोली कैसे लगी, इस बात को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।
मारे गए प्रधान नन्हें यादव का बड़ा बेटा योगेश गायब घटना की रात से ही है, कहीं भी उसका पता नहीं चल रहा है। परिवार के लोग भी उसके बारे में कुछ नहीं बता पा रहे हैं। योगेश के साथ अनहोनी की आशंका प्रधान के परिवार के लोगों को सता रही है। यही नहीं घटना के दूसरे दिन पुलिस ने जिन दो लोगों को गांव से उठाया था, उनका भी कोई पता नहीं चल रहा है।

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