प्रवर्तन निदेशालय ने मालामाल उप जिलाधिकारी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया

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मुंबई
: किसी दागी नौकरशाह के खिलाफ हुई सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक में प्रवर्तन निदेशालय
ने धनशोधन के एक मामले को लेकर महाराष्ट्र के निलंबित उप जिलाधिकारी नीतीश ठाकुर की
53.57 करोड़ रुपए की संपत्ति
जब्त कर कुर्क करने का आदेश दिया है।
ठाकुर
ने अपनी सेवा के दौरान राज्य के कुछ जिलों में विभिन्न क्षमताओं में काम किया था। वह
महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण में भी तैनात थे। जब उन्हें गिरफ्तार
किया गया था तब उनकी संपत्ति की कीमत कुल 120
करोड़ रुपए आंकी गयी थी जबकि उनकी वास्तविक मासिक आय 28,000 रुपए थी।
आधिकारिक
सू़त्रों ने कहा कि एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत
कथित तौर पर ठाकुर के नाम की 53.57 करोड़ रुपए के मूल्य की
महाराष्ट्र में 55 एकड़ जमीन, सावधि जमा खाते और बैंक में जमा धन कुर्क
करने के आदेश दिए।
राज्य
प्रशासन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ मामला मार्च 2012 का है जब महाराष्ट्र के
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कथित तौर पर आय के ज्ञात स्त्रोतों से अधिक धन
जमा करने के लिए ठाकुर को गिरफ्तार किया था।
ठाकुर
के खिलाफ एसीबी के भ्रष्टाचार मामले का संज्ञान लेते हुए ईडी ने इसके बाद अधिकारी के
खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया ताकि कथित भ्रष्टाचार के कृत्य से उन्हें हुए फायदे
और इसके बाद उस धन का उपयोग धनशोधन के जरिए अवैध संपत्ति बनाने के लिए किए जाने के
बारे में पता लगाया जा सके। आईडी के एक अधिकारी ने कहा कि मामला देश में किसी वरिष्ठ
सरकारी अधिकारी के खिलाफ आईडी द्वारा की गई सबसे बड़ी कार्रवाइयों से एक है।
केंद्रीय
जांच एजेंसी ने हाल में मध्य प्रदेश कैडर से संबद्ध भ्रष्टचार के आरोपी आईएएस दंपति
अरविंद और टीनू जोशी के खिलाफ इसी तरह के आदेश जारी कर उनकी 10 करोड़ की संपत्ति कुर्क
कर ली थी।