फिर बढ़ेगा रेल किराया

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नई दिल्ली। रेल बजट को लेकर देश की आम जनता में खासा उत्साह रहता है। वित्त वर्ष 2013-14 के रेल बजट को मंगलवार को पेश किया जाना है,ं इसमें अब कुछ ही घंटे बचे हैं। इसे लेकर लोगों में बेचैनी बढ़ने लगी है। जानकारी के अनुसार, इस बार रेल बजट में रेलवे किराया सीधे बढ़ने के आसार नहीं हैं लेकिन इसे यात्रा के विभिन्न मदों से जोड़कर बढ़ाया जाने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। हालांकि जानकारों की मानें तो यह फेरबदल मामूली होगी।

इससे पहले रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने करीब दो माह पहले ही रेलवे की खस्ता वित्तीय हालत का हवाला देकर रेल किराये में करीब 20 से 25 फीसद की बढ़ोतरी की थी। रेल किराये में सीधे वृद्धि की संभावना कम है लेकिन दूसरे सरचार्ज लगाए जा सकते है। हाल के दिनों में डीजल की कीमतों में की गई वृद्धि के मद्देनजर रेलवे यात्री किराये एवं माल भाड़े में वृद्धि करने पर विचार कर सकता है। डीजल के दाम में हाल की वृद्धि से रेलवे पर 3,300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

सूत्रों की मानें तो विभिन्न विकल्पों में से रेल मंत्रालय इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या वह सभी वगरें में किराया बढ़ाने के लिये किराया ढांचा में ईंधन समायोजन तत्व को शामिल करे या फिर यात्री किराये में प्रति किलोमीटर कुछ पैसे की वृद्धि करे। फिलहाल मंत्रालय 26 फरवरी को पेश होने वाले 2013-14 के बजट को अंतिम रूप देने में लगा है।

जहां तक माल भाड़े का संबंध है, रेलवे ने पिछले साल सात मार्च को इसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि की थी। डीजल लागत में वृद्धि तथा बड़े पैमाने पर लंबित परियोजनाओं के मद्देनजर रेलवे ने वित्त मंत्रालय से वित्त वर्ष 2013-14 के लिये 38,000 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन मांगा है। चालू वित्त वर्ष में रेलवे को वित्त मंत्रालय से 24,000 करोड़ रुपये मिला था।

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