राज्यपालों के इस्तीफे पर सियासत तेज

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नई दिल्ली (एसएनएन) :  केन्द्र सरकार ने कई राज्यों के राज्यपालों को हटाने जा रही है लेकिन खबर है कि कई राज्यपालों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. हालांकि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी ने इस्तीफा दे दिया है. वहीं कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज और असम के राज्यपाल जेबी पटनायक के इस्तीफे की भी खबर थी लेकिन दोनों ने इससे इनकार किया है. असम के राज्यपाल पटनायक ने कहा कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि मैंने राष्ट्रपति से मुलाकात की लेकिन इस्तीफे की बात गलत है. मुझे इस्तीफा देने को भी नहीं कहा गया. ये सब मीडिया का फैलाया हुआ है. हालांकि गृह मंत्रालय के जुड़े सूत्रों का कहना है कि कई और राज्‍यपाल भी इस्तीफा दे सकते हैं.
वहीं खबर ये भी है कि राजस्थान की राज्यपाल मारग्रेट अल्वा भी आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर सकती हैं. बड़़े नामों में शीला दीक्षित और शिवराज पाटिल का नाम शामिल हैं. केरल की राज्यपाल शीला दीक्षित भी इस्तीफा देने के खिलाफ बताई जा रही हैं. सूत्रों के मुताबिक गृह सचिव ने उनसे फोन पर बात की और इस्तीफा देने के बारे में पूछा. वहीं केरल की राज्यपाल शीला दीक्षित का बयान भी सामने आया है. राज्यपालों की इस्तीफे और राष्ट्रपति से मुलाकातों के बीच शीला दीक्षित का कहना है कि वो अफवाहों पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं देगी. राज्यपाल का कार्यकाल पांच साल का होता है लेकिन प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति उन्हें समय से पहले पद से हटा सकते हैं या राज्यपाल खुद इस्तीफा दे सकते हैं.

इससे पहले खबर आई थी कि केंद्र की मोदी सरकार ने कांग्रेस के समय नियुक्त किए गए लगभग आधा दर्जन राज्यपालों को अपने पद से हटने के लिए कहा था. माना जा रहा है कि बीएल जोशी ने इसी के तहत इस्तीफा दिया है. 31 तारीख को सात राज्यपालों का कार्यकाल खत्म हो रहा है.

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