‘केम छो’ कहकर ओबामा ने किया मोदी का स्वागत

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नई दिल्ली: राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
के साथ अपनी शिखर स्तरीय वार्ता से पहले, यहां
व्हाइट हाउस में उनके लिए एक निजी रात्रि भोज का आयोजन किया. ओबामा ने मोदी का स्वागत
करते हुए गुजराती में पूछा ‘केम छो ?’(आप
कैसे हैं?) प्रधानमंत्री मोदी की मातृभाषा गुजराती ही
है.जवाब में मोदी ने थैंक यू मिस्टर प्रेसीडेंट कहा.
दोनों ने दुनिया में नई किस्म की डिजिटल डिप्लोमेसी शुरू की. इसके
तहत दोनों अमेरिका के एक अखबार में साझा संपादकीय लिखेंगे. पीएम मोदी ओबामा के लिए
प्राइवेट गिफ्ट लेकर गए थे. ओबामा के साथ रात्रिभोज में लजीज भोजन से दूर रहे मोदी, सिर्फ गुनगुना पानी पिया अमेरिकी राष्ट्रपति
बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आयोजित रात्रिभोज के मेन्यू में केसर-बासमती
चावल, कंप्रेस्ड एवैकाडोज़, कुरकुरी मछली और सालमॅन मछली जैसे कई लज़ीज़
व्यंजन शामिल किए थे लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने उपवास के चलते सिर्फ और सिर्फ गुनगुना
पानी ही पिया.
 
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने बताया कि हालांकि
प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री के समक्ष एक प्लेट रखी गई थी लेकिन उन्होंने सिर्फ गुनगुनापानी ही पिया और शेष अतिथियों से कहा कि वे शर्मिन्दा न हों तथा सहजता से अपना भोजन
करें. रात्रि भोज में दोनों ओर से गिने-चुने मेहमान ही मौजूद थे.
इस अवसर पर अमेरिका की ओर से मौजूद नौ मेहमानों में उप राष्ट्रपति
जोए बाइडेन, उप विदेश मंत्री विलियम बर्न्‍स, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुज़ैन राइस, यूएसएआईडी के राजीव शाह शामिल थे. वहीं भारत
की ओर से मौजूद प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, अमेरिका में भारत के राजदूत एस जयशंकर और
विदेश सचिव सुजाता सिंह सहित अन्य अतिथि थे. रात्रि भोज में मेहमानों को ‘मैंगो क्रीम ब्रूली’ भी परोसी गई.
प्रधानमंत्री पिछले 40
सालों से नवरात्रि के अवसर पर व्रत करते रहे हैं और इस साल नवरात्रि
तथा उनकी पांच दिवसीय अमेरिका यात्रा की तारीखें साथ साथ पड़ीं.
ओबामा द्वारा मोदी के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किए जाने के
साथ ही स्थानीय भारतीय-अमेरिकियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर मोदी-ओबामा
की मुलाकात का जश्न मनाया. इस अवसर पर व्हाइट हाउस के सामने ‘‘गरबा’’ नृत्य
पेश किया गया. कश्मीरी अलगाववादियों और सिख अलगाववादियों के एक छोटे से समूह ने भी
व्हाइट हाउस के सामने प्रदर्शन किया, लेकिन
मोदी समर्थकों की तुलना में उनकी संख्या काफी कम थी.
हाल में दो बार हो चुकी सुरक्षा सेंध के मद्देनजर व्हाइट हाउस और
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक अतिथि गृह ब्लेयर हाउस के इर्द-गिर्द सुरक्षा के अभूतपूर्व
इंतजाम किए गए थे.
शाम से ही पेनसिल्वानिया एवेन्यू को बंद कर दिया गया था और जब काफिला
वहां से व्हाइट हाउस के लिए गुजरा तो मोदी समर्थकों और भारत विरोधी प्रदर्शनकारियों
को काफी पीछे धकेल दिया गया था.
ओबामा ने व्हाइट हाउस के साउथ गेट पर मोदी की अगवानी की. राष्ट्रपति
के आधिकारिक आवास के ब्लू रूम में रात्रिभोज का आयोजन किया गया था. ब्लू रूम स्वागत
कार्यक्रम और कभी-कभी छोटे रात्रिभोज के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
‘गांधी
के नजर से गीता’ किताब नए सिरे से छपवाई गई. खादी की जिल्द
लगाकर उसे गिफ्ट किया. मार्टिन लूथर किंग जब 1959
में भारत आए थे उस समय राजघाट गए थे. तब की तस्वीर, उनके भाषण की रिकार्डिंग भी मोदी ने गिफ्ट
में दी. आज शिखर वार्ता से पहले दोनों देशों के बीच विजन स्टेटमेंट चलें साथ साथ जारी
हुआ है जिसमें अमेरिका ने सुरक्षा परिषद जैसी संस्था में भारत की अहम भूमिका पर जोर
दिया है.
अनौपचारिक माहौल में रात्रि भोज दोनों नेताओं के लिए एक दूसरे के
साथ संवाद करने का पहला अवसर है. बहरहाल, प्रथम
महिला मिशेल ओबामा इस रात्रि भोज में शामिल नहीं हो पाईं.
 
दोनों ही नेताओं के साथ इस आयोजन में 20 अन्य व्यक्ति शामिल हुए.
राष्ट्रपति के साथ उप राष्ट्रपति जोए बाइडेन, विदेश
मंत्री जॉन केरी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुजैन राइस सहित अन्य लोग थे.
मोदी के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल तथा
अमेरिका में भारतीय राजदूत एस जयशंकर सहित अन्य व्यक्ति थे.
राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा आयोजित निजी रात्रि भोज
के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्हाइट हाउस पहुंचने के साथ ही भारत तथा अमेरिका
ने आज एक ‘विज़न स्टेटमेंट’’ ‘‘चलें हम साथ साथ: फॉरवर्ड टूगेदर वी गो’’ जारी किया जिसमें समृद्धि एवं शांति के लिए
संयुक्त प्रयास करने का आह्वान किया है.
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा है ‘‘विविध परंपराओं और आस्थाओं वाले दो महान
लोकतांत्रिक देशों के नेताओं के तौर पर हम उस भागीदारी के लिए एक दृष्टिकोण (विज़न)
साझा करते हैं जिसके तहत अमेरिका और भारत न केवल हमारे दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे
विश्व के लाभ के लिए एक दूसरे के साथ काम करते हैं.’’ ‘‘विज़न
स्टेटमेंट’’ में कहा गया है कि अमेरिका-भारत रणनीतिक
भागीदारी वास्तव में शांति और समृद्धि के लिए संयुक्त प्रयास है और गहन विचारविमर्श, संयुक्त अभ्यासों, साझा प्रौद्योगिकी के माध्यम से उनके बीच
सुरक्षा सहयोग क्षेत्र को और पूरे विश्व को सुरक्षित एवं संरक्षित बनाएगा.

इसके मुताबिक,
‘‘एक दूसरे से मिलकर हम
आतंकवादी खतरों का मुकाबला करेंगे और अपने देशों तथा नागरिकों को हमलों से सुरक्षा
प्रदान करेंगे. इस बीच हम मानवीय आपदाओं और संकट के दौर से भी तेजी एवं समुचित तरीके
से निपटेंगे.’’

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