सिविक सेंटर में कांग्रेसियों का जनाक्रोश आंदोलन

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जबलपुर। नोटबंदी को लेकर कांग्रेस द्वारा घोषित जनाक्रोश आंदोलन सुबह से गीत बजाओ आंदोलन के रूप में अनुभव किया गया। आयोजन स्थल सिविक सेंटर के चारों तरफ राष्टभक्ति के तराने बजाए गए। प्रदर्शन के लिए तय समय के आधे घंटे बात तक मौके पर दस-बीस लोग ही पहुंच पाए थे। इसके बाद दोपहर में जुटे कांग्रेस नेताओं ने नोटबंदी को जनता का सिरदर्द बताते हुए मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि बिना सोचे-समझे विमुद्रीकरण लागू किया गया। आयोजन की बागडोर पूर्व विधायक लखन घनघोरिया, नगर अध्यक्ष दिनेश यादव, और सौरभ नाटी शर्मा नाटी ने संभाली है। सौरभ द्वारा बनाए गए मोर्चा को आज के आंदोलन में ही विलय करने की जानकारी नगर अध्यक्ष ने दी।

तीन किलोमीटर का होगा मार्च
नगर अध्यक्ष दिनेश यादव ने जनाक्रोश रैली लगभग तीन किलोमीटर लंबी होने का दावा किया। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बंद की बजाय विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया। इसी के तहत जनआक्रोश रैली सिविक सेंटर से प्रारंभ कर मालवीय चौक, सुपर बाजार, लार्डगंज, फुहारा, अंधेरदेव, ओमती होते हुए घंटाघर पहुंचना तय किया गया। कांगे्रसी यहां पर राष्टÑपति के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे।

परेशान रहे जदयू कार्यकर्ता
आज के आंदोलन में सबसे ज्यादा असमंजस की स्थिति जदयू कार्यकर्ताओं की थी। जदयू के राष्टÑीय नेता बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन करते हुए आज के हर विरोध प्रदर्शन से स्वयं को अलग रखने का ऐलान किया है। यहां, रामरतन यादव ने सर्वदलीय लोकतंत्र बचाओ मोर्चा बना कर अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाने की राह पकड़ी है। ऐसे में कार्यकर्ता समझ नहीं पा रहे थे कि वे करें तो आखिर करें क्या।

ये तो काले धन का समर्थन है
राज्यमंत्री शरद जैन ने कांग्रेसियों के प्रदर्शन पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ये तो काले धन का समर्थन करना है। एक तरफ सारा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहसी कदम का समर्थन कर रहा है, दूसरी तरफ कांग्रेसी काले धन की राह में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये जानने के बाद भी कि जनता केन्द्र सरकार के साथ है, कांग्रेस ने जनाक्रोश रैली निकालकर नासमझी का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पूरा देश प्रधानमंत्री का समर्थन और बंद का विरोध व्यक्त कर रहा है।

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