मोदी की हरियाणा के लिए उद्गारों की झड़ी

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गुरूग्राम (हरियाणा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा राज्य के स्‍वर्ण जयंती समारोह में बिल्कुल हरियाणवी ही हो गए। उन्होंने गुरूग्राम में ‌हरियाणा और वहां के निवासियों एवं उनके हर क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान लिए अपने उद्गारों की झड़ी लगा दी। स्‍वर्ण जयंती का शुभारंभ करते हुए हरियाणावासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वास्तव में स्‍वर्ण जयंती का अवसर न किसी दल का है, न किसी सरकार का है, ये अवसर हर एक हरियाणवी का है। इस समारोह में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में यह बात हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कही थी। अपने को इससे जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि जैसे व्‍यक्ति के जीवन में भी सालगिरह मनाना, कुछ विशेष अवसरों को मनाना उसे नए संकल्‍प लेने की प्रेरणा देता है, वैसे ही समाज को और राज्‍य को इस प्रकार के अवसर कुछ नया करने का संकल्‍प करने के लिए प्रेरणा देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस स्‍वर्णिम जयंती के कालखंड में मैं हरियाणावासियों से प्रार्थना करूंगा कि वे हरियाणा बनाने के लिए जो आंदोलन चलाए गए, विचार प्रस्‍तुत किए गए, हरियाणवी सोच के साथ कहां से कहां तक पहुंचे, अभी और कितना चलना पड़ेगा, इसके लिए और क्‍या कर सकते हैं, वे इसका विचारण करें, उनके पास इसका लेखाजोखा होना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते हुए 50 साल के गौरव गान, बीते हुए 50 साल में हर किसी के पुरुषार्थ, परिश्रम, संकल्‍प ने आज हरियाणा को यहां पहुंचाया है, गांव में खाट पर बैठ कर, हल्‍के-फुल्‍के चुटकलों के बीच, हरियाणा का व्‍यक्ति बड़ी सटीक बात बताने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि मैं भली-भांति इन बातों से परिचित हूं, हरियाणा भले ही एक छोटा सा प्रदेश हो, लेकिन जीवन का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं होगा, जिसमें हरियाणा के व्‍यक्ति के पसीने की महक न हो। उन्होंने कहा कि वैसे तो लगता है कि हरियाणा के लोग ज्‍यादातर किसानी ही करने वाले हैं, लेकिन हरियाणा के लोग जहां व्‍यापार में पहुंचे हैं, वहां उन्‍होंने व्‍यापार में भी अपना लोहा मनवा लिया है। उन्होंने कहा कि देश के हर दस जवान में से सेना में एक जवान हरियाणा का है, कोई इलाका ऐसा नहीं होगा, जहां हरियाणावालों ने देश के लिए योगदान और बलिदान की कोई उत्‍तम से उत्‍तम पहचान न करवाई हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा की ये भी विशेषता है कि स्‍वामी दयानंद सरस्‍वती का यहां बहुत गहरा प्रभाव है, यहां के सैकड़ों परिवार मिलेंगे, जिनके सामने स्‍वामी दयानंद सरस्‍वती का स्‍मरण करते ही उनकी आंखों में चमक आ जाती है और यही वह धरती भी है, जिस पर अनेक महापुरुषों के नामों की छाया अंकित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मूड में दिखे और हरियाणा के बारे में उन्होंने युद्ध से आध्यात्म और गीता ज्ञान तक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में युद्ध तो बहुत हुए होंगे, लेकिन शायद ही दुनिया में कोई ऐसी युद्धभूमि हो जो जीवन के आदर्शों का हजारों साल तक मार्गदर्शन करे, ऐसी गीता की रचना युद्धभूमि में हुई हो जो बेजोड़ घटना हो, जहां तत्‍वज्ञान परोसा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिसकी जितनी महानता है, उतनी ही उसकी महान जिम्‍मेदारियां भी होती हैं, इसलिए मुझे हमेशा एक बात की पीड़ा रहती थी, कि ऐसे संस्‍कारी प्रदेश, ऐसे सामर्थ्‍यवान प्रदेश, हर समय नई बात को स्‍वीकार करने वाले प्रदेश में क्‍या कारण है कि मां के गर्भ में ही बेटियों को मार दिया जाता है? उन्होंने कहा कि मैं मनोहरलालजी और हरियाणा के लोगों का भी अभिनंदन करता हूं, कि जब मैने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लिए हरियाणा की जनता से बेटियों के जीवन की रक्षा की भीख मांगी थी तो मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि हरियाणा के लोगों ने इस भावना का आदर किया और आज पूरे देश में हरियाणा में लिंगानुपात की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैं उन माताओं का भी अभिनंदन करता हूं, जिन्‍होंने गर्भ में पल रही बच्‍ची की एक सास के नाते, एक मां के नाते, एक पिता के नाते उसकी रक्षा का सं‍कल्‍प किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियां सिर्फ हरियाणा का ही नहीं, पूरे हिंदुस्तान की आन-बान-शान बनी हुई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को इस बात के लिए भी बधाई दी कि उन्‍होंने आज कुछ जिले खुले शौचालयों से मुक्त किए, जिनके कारण हमारी माताओं, बहनों को गांव में खुले में शौच के लिए जाना पड़ा है, मुझे विश्वास है कि हरियाणावासी पूरे राज्य में ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पूरे देश को एक नई दिशा दी है, कुछ जिले केरोसिन फ्री भी हो गए हैं, हरियाणा के घरों में गैस कनेक्‍शन है, फिर भी केरोसिन का कोटा चल रहा है, केरोसिन कोई और ले जाता है, बिचौलिए उसकी कालाबाजारी के खेल में डूबे हैं, वे केरोसिन को डीजल में मिला देते हैं, इससे पर्यावरण का नुकसान करते हैं, विदेशी मुद्रा का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने देश की सभी सरकारों से आग्रह किया है कि वे केरोसिन बचाएं और उसका असर दिखने लगा है, स्‍वर्णिम जयंती का इससे बड़ा असर और क्‍या हो सकता है? उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि स्‍वर्णिम जयंती को सरकारी कार्यक्रम नहीं बनाया गया है, इसे जनता का एक संकल्‍प पर्व बना दिया गया है, जन-भागीदारी से हरियाणा कैसे आगे बढ़े, हर हरियाणी कुछ न कुछ इसमें योगदान करे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोग हरियाणा को नम्‍बर एक बनाएं, हिंदुस्‍तान को आगे बढ़ने का अवसर देने की ताकत हरियाणा में है।

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