स्मार्ट फॉर्मिंग पर विचार और सुझाव

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अवलोकन:- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) कृषि उद्योग को बदल सकती है और किसानों को पेश आने वाली बड़ी चुनौतियों से लड़ने में सक्षम बना सकती है। इस क्षेत्र/उद्योग को वैश्विक जनसंख्या की बढ़ती भोजन संबंधी जरूरतों को पूरा करते हुए पानी की कमी, जमीन की सीमित उपलब्धता, जमीनों की उपजाऊ क्षमता और लागत वसूल पाने में चुनौतियों से उबरना होगा। वैश्विक जनसंख्या में कृषि उत्पादों की खपत में वर्ष 2050 तक 70% तक की वृद्धि का अनुमान है।
उद्देश्य:- नए आइओटी एप्लिकेशन इन मुद्दों का हल करते हुए कृषि उत्पादन में गुणवत्ता, मात्रा, स्थिरता और लागत प्रभावशीलता में मदद करेंगे। उदाहरण के तौर पर आईओटी को शामिल करने से किसानों को जमीनी स्थितियों के बारे में, नमी का स्तर, पशु चारे के स्तर का घनत्व और पेस्ट कंट्रोल स्तर आंकलन करने की सुविधा मिलेगी। जैसे कि अगर पेस्ट कंट्रोल स्तर निर्धारित सीमा से अधिक होता है तो सेंसर अलार्म के जरिये किसानों के लिए चेतावनी जारी की जा सकती है और वे इसके लिए उपाय कर सकते हैं।
स्मार्ट फार्मिंगका उद्देश्य है सेन्सिंग तकनीक के इस्तेमाल से कृषि उत्पादन की गुणवत्ता एवं मात्रा बढ़ाना और किसानों को अधिक समझदार और इंटरनेट से बेहतर ढंग से जोड़ना।
इस परिचर्चा मंच की मदद से हम आपसे निम्नलिखित पर अपने बहुमूल्य सुझाव देने का आग्रह करते हैं:
किस प्रकार से एक व्यक्ति या संगठन स्मार्ट खेती में योगदान दे सकता है।
खेती के लिए एक उपकरण के रूप में तकनीक के प्रयोग का अनुभव और चुनौतियां।
आइओटी के इस्तेमाल से खेती के भविष्य स्मार्ट फार्मिंगको पूरी तरह लागू करने के वास्तविक/व्यवहारिक समाधान।

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