13 वें विश्व रोबोट ओलंपियाड का भारत में शुभारंभ

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51 देशों की 463 टीमें अपने कौशलों और अभिनव विधाओं का प्रदर्शन करेंगी

संस्‍कृति मंत्रालय और इंडिया स्‍टेम फाउंडेशन (आईएसएफ) के तत्‍वाधान में राष्‍ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) ने सयुक्‍त रूप से आज 13वें विश्‍व रोबोट ओलंपियाड का ग्रेटर नोयडा के इंडिया एक्‍सपो मार्ट में शुभारंभ किया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम (26 और 27 नवम्‍बर) का उद्घाटन संस्‍कृति और पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा के द्वारा किया गया। इस वर्ष के समारोह का विषय ‘’रैप द स्‍क्रैप’’ है। इस अंतर्राष्‍ट्रीय चैम्‍पियनशिप में 51 देशों से 2000 से अधिक छात्र भाग ले रहे हैं। ये छात्र अपशिष्‍ट को कम करने, उसका प्रबंधन करने और पुनर्चक्रण के लिए रोबोटिक्‍स प्रौद्योगिकी का उपयोग कर अभिनव समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रतिस्‍पर्धा चार श्रेणियों – रेगुलर श्रेणी (प्राथमिक, जूनियर हाई, सीनियर हाई), डब्‍ल्‍यूआरओ फुटबॉल, खुली श्रेणी और अत्‍याधुनिक रोबोटिक्‍स चुनौती में 9 से 25 वर्ष आयु समूह के छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है।

दुनिया भर की टीमों को प्रोत्साहित करते हुए, डॉ महेश शर्मा ने कहा कि युवाओं के बीच नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता रही है और उनके लिए यह एक व्‍यापक मंच भी है। संस्कृति मंत्रालय ने अपने एक संगठन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के तहत अपने विज्ञान और अभिनव केन्द्रों के नेटवर्क के माध्यम से नवाचार और रचनात्मकता का पोषण किया है। उन्‍होंने कहा कि इस तरह के एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन बेहद अनिवार्य था। उन्‍होंने कार्यक्रम में सभी आयु समूहों की उत्साही टीमों की उपस्‍थिति पर प्रसन्‍नता भी व्‍यक्‍त की और उन्हें शुभकामना देते हुए आशा जतार्इ कि उनके कौशल को भविष्य में विश्‍व की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

इस अवसर पर अपने संबोधन में डब्‍लयूआरओ सलाहकार परिषद के अध्‍यक्ष श्री लॉ किंग हुई ने कहा कि डब्‍ल्‍यूआरओ सबके दिलों में एक प्रिय स्थान रखता है क्योंकि यह हजारों प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी युवा मनों को एक साथ जोड़कर दुनिया के समक्ष आने वाले मुद्दों का समाधान प्रस्‍तुत करने के लिए प्रेरणा देता है।

इस कार्यक्रम के शुभारंभ पर अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए एनसीएसएम के महानिदेशक और डब्‍ल्‍यूआरओ 2016 आयोजन समिति के सलाहकार बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री ए. एस. मानेकर ने कहा कि उन्‍हें विश्‍वास है कि इस प्रतिस्‍पर्धा से भारत में रोबोटिक्‍स शिक्षा के क्षेत्र में और स्‍टैम आधारित पारिस्‍थितिकी तंत्र को बनाने के लिए जागरूकता फैलेगी।

इस अवसर पर इंडिया स्‍टैम फाउंडेशन के सह-संस्थापक और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी श्री सुधांशु शर्मा भी उपस्‍थित थे।

इससे प्रतिस्‍पर्धा से पहले दिल्ली, लखनऊ तिरुपति तिरुवनंतपुरम चेन्नई कोलकाता वाराणसी गुवाहाटी बैंगलोर सूरत मुंबई भोपाल और चंडीगढ़ में अगस्त-अक्टूबर 2016 के दौरान क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। 245 टीमों ने कोलकाता के नेताजी इंडोर स्‍टेडियम में (22-23 अक्टूबर 2016) को आयोजित राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में क्वालीफाई किया और भारत से 27 टीमों ने विभिन्न श्रेणियों में डब्‍ल्‍यूआरओ अंतर्राष्‍ट्रीय चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। अन्य देशों से भी छात्रों ने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में क्वालीफाई किया है और वह इस अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धा में अपने देश का प्रतिनिधित्‍व करेंगे। इस चैम्‍पियनशिप में 51 देशों से 463 टीमों के भाग लेने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित है।

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