अगर यह जानेंगे तो कभी नही पियेगे कोका-कोला

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विशेषज्ञों का कहना है कि कोका कोला और पेप्सी जैसे शीतल पेय के अत्यधिक सेवन से खून में पोटेशियम की मात्रा खतरनाक स्थिति तक कम हो जाती है। नतीजतन, मामूली शारीरिक कमजोरी से लेकर मांसपेशियों के लकवाग्रस्त होने तक का खतरा बढ़ जाता है।
कोका-कोला आज लोगों का शौक नहीं बल्कि उनकी आदत बन चुका है, बच्चे से लेकर बूढ़े तक इसके दिवाने हैं, अक्सर लोगों को हैरानी होती है कि आखिर इसमें ऐसा क्या होता है कि लोग इसे आशिकों की तरह चाहते हैं इस बारे में शोध पिछले 129 साल से चल रहा है लेकिन आज तक कोई इसके राज को जान नहीं पाया है।
लेकिन कोका-कोला के बारे में में सबसे चौंकाने वाला खुलासा किया है ब्रिटेन के पूर्व फार्मासिस्ट नीरज नाइक ने, जिन्होंने ‘दी रेनिगेड फार्मासिस्ट’ नाम के ब्लॉग में कोको-कोला से जुड़ी हुई गंभीर बातें लिखी हैं जो सीधे-सीधे इंसान के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं।
coke cola सॉफ्ट ड्रिंक से जुड़ी एक खबर ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। ब्रिटेन के पूर्व फार्मासिस्ट नीरज नाइक ने ‘दी रेनिगेड फार्मासिस्ट’ नाम के अपने ब्लॉग में कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद शरीर के अंदर होने वाले प्रभावों को सबके सामने लाया है। इस ब्लॉग में उन्होंने दिखाया है कि कोका कोला पीने के 1 घंटे के अंदर शरीर में क्या-क्या होता है। सोशल साइट्स पर भी यह जानकारी काफी वायरल हो रही है।
नाइक ने एक चार्ट बनाया है जिसमें यह दर्शाया गया है कि एक गिलास कोको-कोला किसी तरह से इंसान की सेहत को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाता है। देखें ब्लॉग

डेली मेल के मुताबिक, नीरज नाइक ने एक ग्राफिक के माध्यम से बताया कि कैसे ये ड्रिंक्स शरीर से जरूरी खनिज तत्व बाहर कर देते हैं और आदमी मानसिक व शारीरिक रूप से बदलने लगता है:

नाइक के मुताबिक एक कोक और 60 मिनट और उसके बाद…
पहले 10 मिनट: आप अगर एक कोक पीते हैं तो सीधे तौर पर आप 10 चम्मच शूगर खा लेते है जो सीधे तौर पर नुकसानदेह है, इसके अंदर फास्फोरिक एसिड होता है जिसके कारण इंसान को पता ही नहीं चलता कि वो कोक के जरिये शूगर का सेवन कर रहा है।
20 मिनट बाद:  जब बॉडी में कोक पहुंचता है तो लीवर बढ़ी इंसुलिन को वसा में बदल देता है।
40 मिनट बाद: जब वसा बनने लगता है तो ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, मस्तिष्क में खून की कमी होती है और इंसान शिथिल हो जाता है, उसे नींद आने लगती है या फिर आलस्य महसूस होने लगता है।
45 मिनट बाद:  शरीर डोपामाइन का उत्पादन बढ़ा देता है जिससे ब्रेन का वो हिस्सा ज्यादा सक्रिय हो जाता है जिससे इंसान खुश होता है, वो हंसने लगता है, उसका मूड सही हो जाता है।
60 मिनट बाद:  अब तक आपकी बॉडी की लोउर इंटेसटाइन में कैल्शियम,मैग्निशियम और जिंक की मात्रा बहुत ज्यादा हो चुकी होती है जिससे इंसान बार-बार यूरिन के लिए जाता है और बॉडी से कैल्शियम, मैग्निशियम और जिंक बाहर चला जाता है जिसे कि आपकी हड्डियों में जाना चाहिए था। आपकी बॉडी में हो रही इस कमी से इंसान को गुस्सा, चिड़चिड़ापन, आलस्य, मोटापा और अनिद्रा जैसी बीमारियां होने लगती हैं।
नाइक ने साफ तौर पर कोका-कोला को सेहत के लिए हानिकारक कहा है जबकि कोका-कोला कंपनी ने नाइक के सारे दावों को गलत और बेबुनियाद करार दिया है।

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