जयपुर: नहीं थमा गायों की मौत का सिलसिला, एक दिन में मरीं 85 गायें

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जयपुर। गायों को लेकर एक ओर पूरे देश में राजनीति गरमाती जा रही है वहीं लाख प्रयासों के बावजूद भी राजस्थान के जयपुर में गायों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। जयपुर की एक सरकारी गौशाला में एक दिन में 85 गायों की मौत हो गई। ये गायें कई दिनों से भूख-प्यासी और दलदल में फंसी हुई थीं। गौशाला में डॉक्टरों-इंजीनियरों और अफसरों की एक बड़ी फौज की तैनाती के बावजूद रविवार को रिकॉर्ड संख्या में 85 गायें मरीं। गौशाला अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार अब तक के राजस्थान के गौशाला के इतिहास में एक दिन में इतनी गायें कभी नहीं मरीं।

शनिवार को ही अधिकारियों ने किया था दौरा

सीएम के अल्टीमेटम के बाद शनिवार को ही सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों ने गायों की सुध लेने जयपुर के हिंगोनिया गौशाला का दौरा किया था। लेकिन एक दिन बाद हीं यानी रविवार को ये आंकड़ा दोगना हो गया।

एक दिन में गौशाला में गायों के मरने का आंकड़ा ऐतिहासिक बन गया। 85 गायें मरी जिनमें 78 गायें और सात बछड़े थे। अभी भी लगभग 40 गायों की हालत गंभीर है। डॉक्टरों का कहना है कि इतने दिनों तक दल-दल में भूखे-प्यासे रहने से इनकी स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि इन्हें बचाया नहीं जा सकता था।

गौशाला में 60 डॉक्टरों और नर्सों की टीम तैनात

गौशाला में पानी निकासी के लिए 17 इंजीनियरों, 60 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ तैनात किए गए हैं। 16 जेसीबी मशीनें, 21 लोडर-डम्फर, 28 ट्रैक्टर और 14 लेवलर मशीनों लगाई गई हैं। साथ ही मौके पर राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव खुद कामकाज का जिम्मा संभाले हुए हैं।

गायों के मौत के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रही कांग्रेस सोमवार को जयपुर के कनौता थाने में राजस्थान सरकार के खिलाफ गौ-हत्या का मुकदमा दर्ज करवाएगी।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित हिंगोनिया गोशाला में कीचड़ और दलदल के कारण पिछले दो सप्ताह में 500 गायों ने दम तोड़ दिया था। बरसात के कारण बने दलदल के चलते गायें बैठ नहीं पा रहीं और जो बैठीं उसकी दलदल में फंसने से मौत हो गई। इस मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट तलब की थी।

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