डायबिटीज के रोगियों के लिए रामबाण औषधि है जामुन

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डायबिटीज के उपचार के लिए वर्षों से भारत में जामुन का उपयोग घरेलू नुस्खे के तौर पर होता आ रहा है। ये एक मौसमी फल है जो स्वाद में खट्टा मीठा होता है। खास बात ये है कि जामुन का फल, पत्ती, पेड़ की छाल और यहां तक कि गुठली भी डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होती है। जामुन में भरपूर मात्रा में विटामिन बी और आयरन होता है जो शरीर में खून की कमी को पूरा करता है। जामुन डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसके एंटीडायबिटिक गुण स्टार्च को एनर्जी में बदल देते हैं और ब्लड शुगर लेवल को सामान्य रखते हैं।

डायबिटीज में जामुन ऐसे करें प्रयोग:

जामुन का जूस
100 ग्राम पके हुए जामुन को आधा लीटर पानी में उबालें। अच्छे से उबल जाने के बाद ठंडा होने पर जामुन की गुठलियों को मसलकर अलग कर लें और फिर छान लें। जामुन का जूस तैयार है। जामुन के इस जूस का सेवन डायबिटीज के रोगियों को रोज सुबह खाली पेट करना चाहिए। आजकल बाजार में भी जामुन का जूस आसानी से मिल जाएगा।

जामुन की गुठलियों का चूर्ण

जामुन के गूदे का इस्तेमाल करने के बाद आप इसकी गुठलियों को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जामुन की गुठलियों को छाया में सुखा लें। इसके बाद इसे पीसकर पाउडर तैयार कर लें और कांच की शीशीयों में भरकर सुरक्षित रख लें। रोज सुबह शाम खाली पेट ठंडे पानी के साथ इस चूर्ण का सेवन करने से आपका शुगर लेवल सामान्य हो जाता है।

जामुन की पत्तियों का काढ़ा
जामुन की हल्की गुलाबी पत्तियों का काढ़ा शुगर नियंत्रण करने में कारगर होती हैं। आप चाहें तो इन्हें ऐसे ही कच्चे भी खा सकते हैं या फिर काढ़ा भी तैयैर कर सकते हैं। जामुन की गुलाबी पत्तियों को थोड़े से पानी में उबालें और फिर इन्हें पीसकर और छानकर रस इसका निकाल लें। दिन में तीन बार इस काढ़े को पीने से डायबिटीज कंट्रोल में रहती है।
जामुन में ढेर सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, आयरन, विटामिन सी, विटामिनन बी, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम, पोटेशियम, ग्लूकोज, फ्रक्टोज और फाइबर होते हैं जो आपको हार्ट प्राब्लम्स, कैंसर, पेट की समस्याओं जैसी कई अन्य बीमारियों से दूर रखते हैं।

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