महालक्ष्मी की कृपा पाने के लिए दीवाली के इन पाँच दिनों में करें करें विभिन्न अनुष्ठानों का पालन

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दीवाली जिसे दीपावली के नाम से भी जाना जाता है, साल का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है। दीवाली उत्सव धनतेरस से शुरू होता है और भैया दूज पर समाप्त होता है। अधिकतर प्रान्तों में दीवाली की अवधि पाँच दिनों की होती है जबकि महाराष्ट्र में दीवाली उत्सव एक दिन पहले गोवत्स द्वादशी के दिन शुरू हो जाता है।

इन पाँच दिनों के दीवाली उत्सव में विभिन्न अनुष्ठानों का पालन किया जाता है और देवी लक्ष्मी के साथ-साथ कई अन्य देवी देवताओं की पूजा की जाती है। हालाँकि दीवाली पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी सबसे महत्वपूर्ण देवी होती हैं। पाँच दिनों के दीवाली उत्सव में अमावस्या का दिन सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है और इसे लक्ष्मी पूजा, लक्ष्मी-गणेश पूजा और दीवाली पूजा के नाम से जाना जाता है।

दीवाली पूजा केवल परिवारों में ही नहीं, बल्कि कार्यालयों में भी की जाती है। पारम्परिक हिन्दु व्यवसायियों के लिए दीवाली पूजा का दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस दिन स्याही की बोतल, कलम और नये बही-खातों की पूजा की जाती है। दावात और लेखनी पर देवी महाकाली की पूजा कर दावात और लेखनी को पवित्र किया जाता है और नये बही-खातों पर देवी सरस्वती की पूजा कर बही-खातों को भी पवित्र किया जाता है।

दीवाली के दिन लक्ष्मी पूजा करने के लिए सबसे शुभ समय सूर्यास्त के बाद का होता है। सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष कहा जाता है। प्रदोष के समय व्याप्त अमावस्या तिथि दीवाली पूजा के लिए विशेष महत्वपूर्ण होती है। अतः दीवाली पूजा का दिन अमावस्या और प्रदोष के इस योग पर ही निर्धारित किया जाता है। इसलिए प्रदोष काल का मुहूर्त लक्ष्मी पूजा के लिए सर्वश्रेस्ठ होता है और यदि यह मुहूर्त एक घटी के लिए भी उपलब्ध हो तो भी इसे पूजा के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

धनत्रयोदशी Muhurat to Buy Gold
October 27, 2016 (Thursday) – 16:15 to 30:34+
Auspicious Choghadiya timings between 16:15 to 30:34+
Evening Muhurta (Amrit, Char) = 16:15 – 20:50
Night Muhurta (Labh) = 24:05+ – 25:42+
Early Morning Muhurta (Shubh, Amrit) = 27:20+ – 30:34+

धनत्रयोदशी Muhurat to Buy Gold
October 28, 2016 (Friday) – 06:34 to 18:20
Auspicious Choghadiya timings between 06:34 to 18:20
Morning Muhurta (Char, Labh, Amrit) = 06:34 – 10:42
Afternoon Muhurta (Shubh) = 12:05 – 13:27
Afternoon Muhurta (Char) = 16:12 – 17:३५

दीपावली के 5 दिन न करें ये काम

धर्म शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि इन दिनों में महालक्ष्मी हमारें घरों में आती है। जिनकी आगमन के लिए हम उनकी आराधना करते है। जिससे कि वो हम पर अपनी कृपा बरसाती रहें। कभी-कभी दीपावली के इन दिनों में हम बिना जानें कुछ ऐसे काम कर देते है जिससे महालक्ष्मी क्रोधित हो जाती है। जानिए ऐसी ही कुछ कामों के बारें में जिसके करने से माता लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाती है।

सूर्योदय से पहलें उठें

आमतौर में हमें जल्दी ही उठना चाहिए, लेकिन बहुत से लोग होते जो सुबह किसी कारण वश देर से उठते है। शास्त्रों की बात मानों तो हमें दीपावली के दिनों में ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। ऐसा करने से माता लक्ष्मी आप पर प्रसन्न रहती है। साथ ही आपके घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नही होती है। इसलिए इन दिनों में जल्दी उठनें की कोशिश करें।

सूर्यास्त के समय न सोएं
अगर आपको कोई शारिरीक समस्या है य़ा फिर कोई गर्भवती महिला है तो ही शाम के समय सोएं या आराम करें। नही तो इस समय आपको नही सोना चाहिए। माना जाता है कि इस समय माता लक्ष्मी हमारें घर आती है । अगर आप सोते मिले तो वह दरवाजें से ही वापस लौट जाएगी। जिससे आपके घर गरीबी का निवास हो जाएगा।

नशा न करें

शास्त्रों के अनुसार इन दिनों में किसी भी प्रकार का नशा करना वर्जित माना जाता है। जो लोग दीपावली के दिन नशा करते हैं, वे सदैव दरिद्र ही बने रहते हैं। नशा अभिशाप के समान माना गया है। साथ ही घर की पवित्रता नष्ट होती है, शांति भंग हो सकती है, वाद-विवाद हो सकते हैं और धार्मिक कर्म ठीक से पूर्ण नहीं हो पाते हैं। इसलइए इन दिनों में नशें से दूर रहना चाहिए।

अपने से बड़ो का करें आदर
शास्त्रों में लिखा है कि अपने से बड़े का हमेशा आदर करना चाहिए। कभी भी उनसे गलत तरीके से व्यवहार नही करना चाहिए। ऐसा करने से देवी-देवता क्रोधित होते है। इसी तरह दीपावली के दिनों में तो निल्कुल भी किसी को पर्शान या फिर किसी बडे इंसान को सताएं न। ऐसा करने से आपके घर में कभी भी दरिद्रता नही आती है।

किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें
दीपावली के दिनों में किसी से भी किसी बात पर बहस या झगड़ा न करें। परिवार के सभी सदस्यों को मिलजुल कर प्रेम से रहना चाहिए। जिससे घर में खुशी का माहौल रहेगा। साथ ही आप पर माता लक्ष्मी की कृपा रहेगी। घर में शांति रहने से उस घर में कभी भी लक्ष्मी नही जाती है। इसलिए सभी को प्रेमपूर्वक रहना चाहिए।

घर को रखें साफ
दीपावली में अपने घर को साफ रखना चाहिए। जिससे जब भी लक्ष्मी आए तो बिना रूके अंदर चली जाएं। माता का आगमन अपने घर में करने के लिए सुगंधित फूलों और इत्र का भी छिड़काव करना चाहिए जिससे घर पर किसी भी प्रकार की बदबू न आए।

गुस्सा करने से बचें
दीपावली के दिनों में गुस्सा नहीं करना चाहिए और तेज आवाज में चिल्लाना नही चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। अगर आप गुस्सा करते है तो आपके ऊपर कभी भी लक्ष्मी प्रसन्न नही होगी। जिससे आपके घर में अशांति, गरीबी का निवास हो जाएगा।

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