पहली बार अमेरिकी सीनेट में हुआ भारतीयों का बोल बाला विजेताओं में दो महिलायें भी

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बेशक हिलेरी क्‍लिंटन अमेरिका में राष्‍ट्रपति पद का चुनाव हार कर पहली अमेरिकी महिला राष्‍ट्रपति बनने का इतिहास रचने से चुक गयी हैं। इसके बावजूद भारतीय मूल की दो महिलाओं ने ये कमाल कर दिखाया है। इस बार एक दो नहीं बल्‍कि चार चार भारतीय मूल के व्‍यक्‍ति अमेरिकी सीनेट में अपना दम दिखायेंगे। ऐसा पहली बार हुआ है कि भारतीय मूल के लोग अमेरिकी सीनेट में पहुंचे हों और वो एक से ज्‍यादा की संख्‍या में।

कमला हैरिस
दो बार कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल रह चुकीं कमला हैरिस अपनी ही पार्टी की डेमोक्रेट लॉरेटा सानचेज अमेरिकी सीनेट में पहुंची हैं। वे सीनेट में चुनी जाने वाली छठी अश्वेत हैं, पांचवे अश्वेत अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा थे। कमला की मां श्यामला गोपालन चेन्नई से हें और अमेरिका विज्ञान की पढ़ाई करने आई थीं। जबकि उनके पिता जैमेका में पले-बढ़े हैं। 51 साल की कमला का जन्म कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में हुआ था।

प्रमिला जयपाल
चेन्‍नई से ही संबंध है सिएटल से चुनाव जीत कर अमेरिका की सीनेट में पहुंचने वाली एक और भारतीय मूल की 51 वर्षीय प्रमिला जयपाल का। प्रमिला का भी ये अमेरिकी संसद में पहुंचने का ये पहला मौका है। प्रमिला चेन्नई में ही पैदा हुई हैं। प्रगतिशील एजेंडे के साथ मैदान में उतरी प्रमिला को सीनेटर बर्नी सैंडर्स का समर्थन हासिल था। वैसे कमला के समर्थन में राष्ट्रपति बराक ओबामा भी वीडियो जारी कर चुके हैं।

राजा कृष्णमूर्ति
एक अन्य भारतवंशी राजा कृष्णमूर्ति (42) को भी ओबामा का समर्थन हासिल था। शिकागो उपनगरीय इलाके से प्रतिनिधि सभा में प्रवेश करने वाले राजा 1973 में दिल्ली में पैदा हुये थे। तमिलनाडु को बिलांग करने वाले राजा के माता पिता जब वे केवल तीन महीने के थे तभी अमेरिका आकर बस गए थे।

रोहित रो खन्ना
कैलिफोर्निया की एक सीट से चौथे भारतीय रोहित रो खन्ना भी चुनाव जीत गए हैं। उनका मुकाबला माइक होंडा से हुआ था। रोहित के माता-पिता पंजाब से फ़िलाडेलफ़िया पहुंचे थे। वे ओबामा प्रशासन में पूर्व अधिकारी रहे हैं। रोहित खन्ना स्टैंडफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर हैं।

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