भारत ने किया पेरिस जलवायु समझौते का अनुमोदन

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भारत ने पेरिस में हुए जलवायु परिवर्तन संबंधी समझौते का अनुमोदन कर दिया और संयुक्त राष्ट्र में उसके प्रतिनिधि ने समझौते के अनुमोदन संबंधी दस्तावेज सौंपा। विश्व समुदाय ने भारत के इस कदम को न सिर्फ महत्वपूर्ण बताया है बल्कि भारत की प्रतिबद्धता और सोच को सराहा भी है। ख़ास बात ये है कि भारत ने इस समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले ही, कार्बन उत्सर्जन को लेकर कई महत्वकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

पेरिस जलवायु समझौते का अनुमोदन करने वाला भारत 62वां देश बन गया है । संयुक्त राष्ट्र संघ, अमेरिका और फ्रांस ने गांधी जयंती के मौके पर भारत द्वारा उठाए इस कदम का स्वागत किया है। अमेरिका ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत ने साहसिक कदम उठाया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए भारत हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत द्वारा पेरिस समझौते को स्वीकार करने के कुछ देर बाद ही पीएम ने ट्वीट करके कहा कि प्रकृति की देख-रेख और उसके प्रति सहानुभूति भारतीय मूल्यों का अभिन्न अंग है।

इस समझौते के तहत भारत 2030 तक 40 फ़ीसदी बिजली गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से उत्पादित करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। अभी वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में भारत की भागीदारी 4.5 प्रतिशत है। पिछले साल दिसंबर में पेरिस में हुए समझौते में दुनियाभर के देश वैश्विक जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान वृद्धि को सालाना 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के लिए कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने पर राज़ी हुए थे।

ये समझौता क़ानूनी तौर पर तब ही लागू हो सकेगा जब कम से कम 55 ऐसे देश इसका अनुमोदन कर देंगे जिनकी वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 55 फ़ीसदी भागीदारी हो।

पिछले महीने ही अमरीका और चीन भी औपचारिक रूप से पेरिस समझौते में शामिल हुए थे। वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में इन दोनों देशों की 40 प्रतिशत भागीदारी है। उम्मीद है कि जल्द ही यूरोपीय संघ भी इस समझौते में शामिल हो जाएगा जिससे 55 प्रतिशत उत्सर्जन की ज़रूरी सीमा भी पार हो जाएगी।

इस बीच, भारत द्वारा जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते का अनुमोदन करने की विश्व भर के नेताओं ने सराहना की है। भारत को बधाई देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के प्रवक्ता ने भारत के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा है कि इस समझौते को लागू करने में भारत का अनुमोदन एक महत्वपूर्ण कदम है।

फ्रांस ने भी भारत के इस कदम का स्वागत किया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि वह और भारत के लोग महात्मा गांधी की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। ओबामा ने कहा है कि गांधीजी मानते थे कि यह दुनिया हमारे बच्चों के रहने लायक बनी रहे।

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