सार्क सम्मेलन: जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञों ने रखी अपनी राय

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इंदौर। दो दिवसीय सार्क देशों के स्पीकर्स के सम्मेलन का रविवार आखिरी दिन है। रविवार को सुबह पहले सत्र में बेंगलुरू की यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का उद्बोधन शुरू हुआ। जलवायु और पर्यावरण के परिवर्तन को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद नई दिल्ली के प्रोफेसर का भी उद्बोधन हुआ। दोपहर में सम्मेलन का समापन होगा और इसके साथ ही इन्दौर का घोषणा पत्र जारी किया जाएगा।

अतिथियों को सोमवार को मांडू ले जाया जाएगा, जहां जहाज महल, जामी मस्जिद, रानी रूपमती पेवेलियन आदि घुमाया जाएगा। इन्दौर के भी ऐतिहासिक स्थलों पर सभी देशों के स्पीकर्स जाएंगे। शनिवार को होटल रेडिसन ब्लू में सार्क देशों के स्पीकर्स का पहला सम्मेलन शुरू हुआ।

जलवायु, विकास, संस्कृति इतिहास, गरीबी आदि विषयों पर अलग-अलग सत्रों में विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से आए अतिथियों ने सार्क के इस सम्मेलन में अपने विचार रखे। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इन्दौर और मध्यप्रदेश व देश की सभ्यता, संस्कृति से सभी अतिथियों को अवगत कराया। रविवार को दूसरे दिन सुबह करीब 10 बजे जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक स्रोत पर उद्बोधन हुए।

बेंगलुरू की यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर पी. इशुपति ने जहां अपने विचार रखे, वहीं नई दिल्ली के प्रोफेसर संतोष कुमार ने भी उद्बोधन दिया। इसके बाद अलग-अलग सत्र में मीटिंग हुई। जिसमें उक्त विषयों पर चर्चा की गई। दोपहर 12 बजे क्लोजिंग सेरेमनी के बाद इन्दौर का घोषणा पत्र जारी हुआ। सभी देशों के स्पीकर्स और उनके साथ आए अतिथियों को रविवार मांडू दर्शन कराया जाएगा।

सुबह करीब आठ बजे मांडू के लिए निकलेंगे। यहां मांडू एसेम्बली, जहाज महल, रानी रूपमती पेवेलियन घुमाया जाएगा। इसके बाद मांडू में ही लंच होगा और फिर इन्दौर के लिए अतिथि रवाना होंगे। रात का भोजन होटल में ही होगा। 21 फरवरी को इन्दौर के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों पर अतिथियों को ले जाया जाएगा, जिसमें राजबाड़ा, लालबाग पैलेस प्रमुख हैं।

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